Bihar News: तेजस्वी यादव आठ घंटे बाद छूटे, लालू से कल लैंड फॉर जॉब में 10 घंटे हुई थी पूछताछ; जुटे रहे समर्थक

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Bihar Politics News: Tejashwi Yadav Reaches ED office in Patna for Questioning in Land For Job Scam Case

अपने समर्थकों की ओर हाथ हिलाते पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव
– फोटो : एएनआई

विस्तार


बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव लगभग आठ घंटे की पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय से बाहर निकले। इस दौरान उन्होंने ईडी दफ्तर के बाहर मौजूद अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की हाथ हिलाया। दरअसल, ईडी तेजस्वी यादव से जमीन के बदले नौकरी घोटाले मामले में पूछताछ कर रही थी।

जानकारी के मुताबिक, नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सवालों का जवाब देने के लिए पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पहुंचे थे। तेजस्वी यादव अपने आवास से सीधे ईडी के दफ्तर पहुंचे। यहां राजद समर्थकों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया था और उनके समर्थन में नारेबाजी करने लगे थे। इस दौरान काफी मशक्कत के बाद तेजस्वी यादव ईडी के दफ्तर पहुंचे थे। तेजस्वी ने नौकरी के बदले जमीन घोटला मामले में ईडी के सवालों का जवाब दिया। कहा जा रहा था कि ईडी की टीम ने 60 से अधिक सवालों की लिस्ट तैयार की थी। 

लालू प्रसाद से 10 घंटे तक हुई थी पूछताछ 

एक दिन पहले यानी सोमवार को तेजस्वी यादव के पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पटना स्थित दफ्तर में पेश होना पड़ा था। सोमवार को भी राजद समर्थक ईडी दफ्तर के बाहर जुट गए थे और केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे थे। राजद समर्थकों ने आरोप लगाया कि लालू यादव बीमार हैं। उन्हें जान बूझकर परेशान करने की कोशिश हो रही है। पूरे 10 घंटे तक बाहर यह डर कायम था कि कहीं उन्हें गिरफ्तार तो नहीं कर लिया जाएगा। दरअसल, नौकरी के बदले जमीन घोटाला केस में पूछताछ के लिए लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी यादव को पूछताछ के लिए बुलाया था। लालू को 29 जनवरी और तेजस्वी यादव को 30 जनवरी को पेश होने कहा गया था। 

तेजस्वी यादव समेत 17 लोगों को आरोपी बनाया गया था

आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव इस घोटाले में शामिल थे। यह घोटाला 2004 से 2009 के बीच किया गया था, जहां कई लोगों को रेलवे के विभिन्न जोनों में ग्रुप-डी के पदों पर नौकरियां दी गई थीं। बदले में इन लोगों ने अपनी जमीन तत्कालीन रेलवे मंत्री लालू यादव के परिवार के सदस्यों और एक संबंधित कंपनी एके इंफोसिस्टम के नाम कर दी थी। जमीन के बदले नौकरी घोटाले मामले में राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत 17 लोगों को आरोपी बनाया गया था। 

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