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मरीजों के साथ नदी में फंसा एंबुलेंस
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नवादा में बिहार सरकार की सिस्टम का पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई जिसमें पुल के अभाव में नदी से गुजरते हुए एंबुलेंस पानी की धार में फंस गया। उस समय एंबुलेंस में जच्चा बच्चा के साथ उनके परिजन भी थे। बाद में पानी की धार में फंसे एंबुलेंस में सवार लोगों को निकालने के लिए ट्रैक्टर बुलाया गया। मामला गोविंदपुर प्रखंड का है।
ट्रैक्टर से लिया गया सहारा
परिजनों का कहना है कि डेल्हआ गांव निवासी अरविंद यादव की पत्नी ललिता देवी प्रसव होने के बाद 102 एंबुलेंस से अपने सास-ससुर के साथ अपने गांव लौट रही थी, तभी अचानक पानी का तेज धार आ गया। इस वजह से एंबुलेंस पानी की धार में फंस गया। फिर एम्बुलेंस चालक ने ग्रामीणों को फोन कर बुलाया और फिर करीब तीन घंटे तक काफी कोशिश की गई। एंबुलेंस फंसने के बाद ट्रैक्टर फिर मंगाया गया।
पुल नहीं होने से स्थानीय लोग हैं परेशान
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी पर पुल निर्माण नहीं होने के कारण नदी पार करने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि पुल नहीं होने की वजह से लोग जान जोखिम में डालकर नदी के इस रास्ता से आने के लिए मजबूर हैं। लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से पुल के निर्माण कराने की मांग की लेकिन किसी भी जन प्रतिनिधि ने जनता के इस अनिवार्य मांग पर ध्यान नहीं दिया। इस वजह से इस क्षेत्र के लोग अब तक परेशान हैं। इस क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय विधायक से भी कई बार पुल निर्माण करवाने की मांग की लेकिन विधायक भी अनसुना कर दिए। गोविंदपुर के लोगों का कहना है कि पुल नहीं होने की वजह से एक किलोमीटर लंबी नदी के क्षेत्र से पार करना उनकी मजबूरी बनी हुई है। फ़िलहाल यह तस्वीर बिहार सरकार के सिस्टम का पोल खोलने के लिए पर्याप्त है।
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