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प्रशांत किशोर
– फोटो : अमर उजाला
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नीतीश कुमार के मन की बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि नीतीश कुमार कि इस बात का अहसास हो रहा था कि लोकसभा चुनाव में अगर भाजपा जीतकर आ जाती और उनकी सरकार दिल्ली में बन जाती, फिर उनको बिहार में मुख्यमंत्री के पद से हटा देती। इसी बात से भयभीत होकर नीतीश कुमार ने अनुमान बीजेपी का साथ छोड़कर राजद के साथ मिलकर महागठबंधन की व्यवस्था बना ली ताकि वह 2025 तक मुख्यमंत्री के पद पर बने रह सकें। नीतीश कुमार ने कहा कि अगला चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि वह ऐसा क्यों बोल रहे हैं? प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार बिना सोचे-समझे कुछ नहीं बोलते हैं, इसलिए उन्केव बोलने का कुछ मतलब है। पीके ने कहा कि नीतीश कुमार को न तेजस्वी से प्यार है न कभी वह अपने पूरे जीवन में राजद के समर्थित हो सकते हैं।
महागठबंधन बनने के पीछे का कारणों को है समझने की जरूरत
प्रशांत किशोर ने कहा कि आगामी दोनों चुनाव कब होंगे यह नहीं पता, लेकिन बिहार में जो आज की व्यवस्था है उस तर्ज पर नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि कौन नेता या दल किसके साथ हो लेगा यह किसी को नहीं पता। पीके ने कहा कि आज जो व्यवस्था है जिसमें सात दल एक हो रहे हैं। अगले चुनाव से पहले इसमें एक बड़ा परिवर्तन आएगा जिसकी झलक दिखनी शुरू हो गई है। पीके ने कहा कि 2015 में मैंने ही महागठबंधन को बनवाया था इसलिए मैं जानता हूं कि इसको बनाने में और फिर इसे चलाने में किन परेशानियों से गुजरनी पडती है। प्रशांत किशोर ने कहा कि 2015 में तीन दलों को जोड़कर जो महागठबंधन था बना था, उसे मैंने ही बनवाया था। आज 7 दलों का महागठबंधन है। प्रशांत किशोर ने कहा कि 2015 में जो महागठबंधन बना था उसमें लालू और नीतीश कुमार कितने बार मिले थे? नीतीश कुमार ने महागठबंधन क्यों बनवाया इसको समझने की जरूरत है?
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