Bihar News: परीक्षा किसी ने दी, शिक्षक कोई और बना, बायोमेट्रिक सत्यापन में फंसा पेंच; अब पुलिस हिरासत में

[ad_1]

Sitamarhi News: Fakely reinstated teacher caught in biometric verification, police is investigating

आरोपी फर्जी शिक्षक को डुमरा थाना पुलिस के हवाले किया गया है
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बिहार के सीतामढ़ी में फर्जी तरीके से बहाल एक शिक्षक बायोमेट्रिक सत्यापन में पकड़ा गया। उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। विभागीय आदेश पर स्थापना डीपीओ डॉ. अमरेंद्र कुमार पाठक ने फर्जी तरीके से बाजपट्टी के प्राथमिक विद्यालय मधुबन गोट कन्या उर्दू में बहाल मो. सुलतान अहमद के खिलाफ डुमरा थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है।

 

आवेदन में बताया है कि मधुबनी जिले के फुलपरास थाना क्षेत्र के गाधियारी गांव निवासी इब्राहिम का बेटा मो. सुलतान अहमद ने बीपीएससी से फर्जी तरीके से बाजपट्टी प्रखंड के स्कूल में शिक्षक पद पर नियुक्ति हासिल की है। 19 फरवरी को पटना सचिवालय कार्यालय में उक्त शिक्षक के बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान पता चला कि परीक्षा में शामिल होने वाले आदमी का चित्र और विद्यालय में नियुक्त होने वाले आदमी का चित्र अलग-अलग है।

 

बायोमैट्रिक जांच में पकड़ा गया

बायोमेट्रिक सत्यापन में मिलान करने पर भी भिन्नता मिली। इससे साफ हो गया कि मो. सुलतान अहमद फर्जी तरीके से नियुक्ति पत्र हासिल कर विद्यालय में कार्यरत है। डीपीओ ने थानाध्यक्ष से प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई का अनुरोध किया है। वहीं, प्राथमिक विद्यालय मधुबन गोट कन्या उर्दू की एचएम कल्पना कुमारी ने स्थापना डीपीओ को पत्राचार कर बताया था कि बीपीएससी के प्रथम चरण में नियुक्त उक्त शिक्षक ने बार-बार कहने के बावजूद जिले में संचालित थंब इंप्रेशन जांच नहीं करा सका। उक्त शिक्षक की ओर से हेडमास्टर के मोबाइल पर अस्वस्थ होने की सूचना दी गई थी।

 

दो महीने का ले चुका है वेतन

जानकारी के अनुसार, फर्जीवाड़ा कर नियुक्त शिक्षक मो. सुलतान अहमद को पटना सचिवालय में बायोमेट्रिक सत्यापन में फर्जी नियुक्ति का मामला पाए जाने पर पुलिस हिरासत में लेकर डुमरा थाना लाया गया है। फर्जीवाड़ा कर नियुक्त शिक्षक मो. सुलतान को विभागीय निर्देश पर नवंबर और दिसंबर 2023 का वेतन भुगतान भी किया जा चुका है। जबकि जनवरी 2024 का वेतन भुगतान की प्रक्रिया की जा रही थी। डीपीओ ने बताया कि फर्जीवाड़े का मामला पाए जाने पर आगे का भुगतान रोक दिया गया है। उक्त शिक्षक की नियुक्ति कक्षा एक से पांच तक के शिक्षक पद पर टीआरई वन में किया गया था।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *