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देश के पहले राष्ट्रपति का गांव जीरादेई।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीवान जिले का एक छोटा सा गांव, जहां किसी समय एक घर में एक बरामदे में बैठ कर मुल्क को आजाद कराने की रणनीति तैयार की जाती थी। एक ऐसा गांव जिसने अपने मिट्टी में पले बढ़े एक लाल के रूप में देश को पहले राष्ट्रपति दिया। एक ऐसा गांव जिसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी समेत अनेक विभूतियों के आतिथ्य का गौरव हासिल हुआ। हम बात कर रहे हैं देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद के गांव की। यह गांव सीवान जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस गांव का नाम है जीरादेई।
देश के प्रथम राष्ट्रपति की जयंती पर सीवान जिला पदाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी रवाना किया। उसके बाद उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और फिर जीरादेई उनके पैतृक गांव के लिए रवाना हुए। वही सीवान के एमएलए सह बिहार विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी भी डॉ राजेन्द्र बाबू के प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे। यह वही गांव है, जिसे देश के पहले राष्ट्रपति देने का गौरव प्राप्त है।
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