Bihar News: बीमारी से जूझ रहीं रानी अब बनीं फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की रोल मॉडल; बचपन से फैला रहीं जागरूकता

[ad_1]

Sitamarhi: Rani, who is struggling with disease, now becomes role model of filariasis eradication campaign

फाइलेरिया बीमारी की वजह से रानी का आईएएस बनने का सपना टूट चुका है
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


फाइलेरिया के कारण आईएएस बनने का सपना टूटा तो रानी ने दूसरे लोगों को इस बीमारी से बचाने की जिद ठान ली। रानी अभी 2024 में चल रहे सर्वजन दवा सेवन अभियान में रोल मॉडल बन कर लोगों को फाइलेरिया के दुष्प्रभाव और बचाव के बारे में जागरूक करने में लगी हैं। दरअसल, सीतामढ़ी के बथनाहा प्रखंड के रूपौली रूपहरा निवासी सुरेंद्र सिंह की बेटी रानी (25) को छह वर्ष की उम्र में ही पैर के घुटने में जख्म हो गया था। उसके बाद पैर काफी सूज गया था। जांच कराने पर डॉक्टर ने फाइलेरिया होने की आशंका जताई। कई जगह इलाज कराया, जिससे सूजन कम हो जाती। लेकिन कुछ समय बाद फिर बढ़ जाती। होमियोपथी, आयुर्वेद, एलोपैथी सभी पद्धति से इलाज कराया। लेकिन कुछ खास फायदा नहीं हुआ।

रानी ने बताया कि इसके बाद उनके पिता उन्हें एम्स (दिल्ली) ले गए। जहां डॉक्टरों ने पट्टी बांधी और प्रेशर मशीन से प्रेशर दिलवाने की सलाह दी। उसके लिए प्रति पांव 600 रुपये खर्च होते थे। आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति के लिए हमेशा इतना खर्च करना संभव नहीं था। ऐसे में 2022 में मायके से ही सूचना मिली कि सदर अस्पताल में फाइलेरिया के इलाज के लिए एमएमडीपी किलनिक है, जहां इलाज किया जाता है।

रानी ने बताया कि मैं आशा दीदी के साथ सदर अस्पताल गई, जहां से इलाज शुरू कराया और एमएमडीपी किट भी ली। वहीं, शिविर में डीएमओ डॉ आर के यादव से भेंट हुई। उन्होंने काफी हौसला बढ़ाया और जीने की आशा जगा दी। उनकी और अन्य कर्मियों की प्रेरणा से आज किसी दूसरे को रानी न बनना पड़े, इसलिए वह घर-घर जाकर लोगों को सर्वजन दवा सेवन के लिए जागरूक कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि डॉक्टरों और अन्य कर्मियों की प्रेरणा से आज वह फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाने को लेकर जिले के लोगों को जागरूक कर रही है। समाज में किसी और रानी के आईएएस बनने का सपना न टूटे, इसको लेकर प्रयास कर रही हैं। बता दें कि आज रानी कई फाइलेरिया मरीजों की मदद कर उनके चेहरे पर मुस्कान ला रही हैं। इससे उम्मीद की जा रही है कि एक दिन फाइलेरिया का जिले से नामो-निशान मिट जाएगा।

वहीं, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आरके यादव ने बताया कि रानी इस अभियान में ब्रांड एंबेसडर के रूप में काफी अच्छे से काम कर रही हैं। वह घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया के बारे में और खुद के बारे में बता रही हैं। उन्होंने रानी को हाथी पांव को ही हथियार बना इसे कैरियर बनाने की सलाह दी और फाइलेरिया मुक्त सीतामढ़ी बनाने में योगदान देने को प्रेरित किया। उसके काम से निश्चित ही फाइलेरिया मुक्त सीतामढ़ी बनाने में काफी सहयोग मिलेगा। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *