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मृतक विक्रम कुमार सिन्हा और बरामद सुसाइड नोट
– फोटो : फाइल फोटो
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बिहार के पूर्णिया में बैंक लोन से परेशान एक दवा दुकानदार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। सूचना पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर एफएसएल टीम की मदद से जांच पड़ताल शुरू कर दी है। साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया है। घटना रविवार सुबह खजांची थाना क्षेत्र के जेल चौक के पास की है। मृतक की पहचान जेल चौक निवासी स्वर्ग सुशील चंद्र प्रसाद के बेटे विक्रम कुमार सिन्हा (42) के रूप में की गई है।
घटना को लेकर मृतक के बड़े भाई प्रवण कुमार सिन्हा ने बताया कि विक्रम कुमार सिन्हा की लाइन बाजार में दवाई की एक दुकान है। बैंक से उन्होंने लोन उठाकर रखा था। लोन के बारे में हम सब को जानकारी है। सुबह उसने पत्नी के साथ बैठकर चाय पी। कुछ देर के बाद कमरा बंद कर लिया। काफी समय तक कमरा नहीं खुला। उसके बाद अंदर जाकर देखा तो उसका शव पंखे से लटका मिला था। आनन-फानन में घटना की जानकारी खजांची थाना पुलिस को दी। फिर पुलिस की मौजूदगी में शव को नीचे उतारा गया।

उन्होंने बताया कि आसपास खोजबीन में एक पेज का सुसाइड नोट बरामद किया गया है। सुसाइड नोट में विक्रम कुमार सिन्हा ने लिखा कि बैंक लोन इतना हो गया है कि मैं परेशान हो गया हूं। इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं। इस में मेरी पत्नी तथा किसी का हाथ नहीं है। मेरी पत्नी नेहा बहुत भोली है। मानू बिट्टू सॉरी। वहीं, विक्रम कुमार सिन्हा के रिश्तेदार अंगद मंडल ने बताया कि सुबह सोकर उठकर परिवार के साथ चाय भी पी है। उसके बाद फांसी लगा ली।
वहीं, खजांची थानाध्यक्ष शशि कुमार भगत ने बताया कि बैंक लोन से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। एफएसएल टीम से जांच करवाई गई है। जांच के दौरान एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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