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मामले का विरोध करते लोग।
– फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
औरंगाबाद के गोह में गुरूजी की मौत के बाद स्वर्गलोक में शादी कराने और सरकारी महकमे द्वारा दस्तावेज दिये जाने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद खबर का बड़ा असर हुआ है। खबर के प्रकाशन के बाद सरकारी महकमा हरकत में आया और मामले पर संज्ञान लेते हुए गोह के अंचल अधिकारी मुकेश कुमार ने कार्रवाई की है। उन्होने सबसे पहले अंचल कार्यालय से निर्गत पूर्व के प्रमाण पत्र को रद कर दिया है।
गोह के अंचल कार्यालय ने करा दी थी गुरूजी की स्वर्गलोक में शादी, दे दिया था दस्तावेजी प्रमाण
देवकुंड निवासी प्रधानाध्यापक शंकर चौधरी ने निधन के बाद उनकी पत्नी सिताबी देवी ने गोह के अंचल कार्यालय में पारवारिक सूची के लिए आवेदन दिया था। काफी प्रयास के बाद जब उसे पारिवारिक सूची मिली तो उसे पता चला कि मरने के बाद उनके पति शंकर चौधरी की स्वर्गलोक में एक और शादी हो गई है और दूसरी पत्नी का नाम सेम्फुल देवी है। यह जानते ही उसके होश उड़ गए थे।
वास्तविक पत्नी ने जताई थी गहरी आपत्ति
वास्तविक पत्नी ने इस मामले पर तत्काल ही गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा था कि स्व. शंकर चौधरी की पत्नी मैं सिताबी देवी हूं। मेरे आधार कार्ड में पति का नाम शंकर चौधरी अंकित है। सर्विस बुक से लेकर बैंक एकाउंट तक में मैं उनकी पत्नी के रूप में नॉमिनी हूं तो दूसरी पत्नी के रूप में सेम्फुल देवी का नाम कैसे अंकित कैसे हो गया? इसी मामले की खबर को अमर उजाला ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसी खबर का बड़ा और गहरा असर हुआ।
सीओ ने की कार्रवाई
इस खबर का संज्ञान लेते हुए अंचल अधिकारी मुकेश कुमार ने पूर्व निर्गत प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया है। गुरूजी की वास्तविक पत्नी ने कहा कि अब मुझे सुधारा हुआ प्रमाण पत्र दिया जायेगा।
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