Bihar News: महागठबंधन तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बना रहा; क्या ऐसा होगा? नहीं हुआ तो भी फायदे में लालू के लाल

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Bihar News : RJD declared tejashwi yadav next cm bihar after today bihar floor test, will tejashwi success

तेजस्वी यादव क्रिकेट में भले नहीं चल सके, राजनीति में चमक गए हैं। बस, संकट एक ही है।
– फोटो : अमर उजाला

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2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ने जो नारा दिया था, उसपर जनादेश हासिल नहीं हुआ। लेकिन, राजद सबसे बड़ी पार्टी जरूर रही। जनादेश राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को मिला। करीब 17 महीने पहले अचानक उस जनादेश को ठुकरा कर नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ हो लिए। जब वह उधर गए, तभी राष्ट्रीय जनता दल खेमे ने यह घोषित कर दिया था कि चाचा नीतीश कुमार कुछ दिन बाद भतीजे तेजस्वी यादव को सत्ता सौंप देश की राजनीति करेंगे। लेकिन, उत्तराधिकारी घोषित करने के बावजूद तेजस्वी को गद्दी नहीं सौंपते हुए नीतीश कुमार 28 जनवरी को वापस राजग में चले गए और सीएम की कुर्सी पर कायम रहे। फ्लोर टेस्ट से पहले राजद खेमा उन्हें अगला मुख्यमंत्री मान रहा है। पत्नी राजश्री यादव ने तो एक दिन पहले ही इसकी घोषणा भी कर दी। वास्तव में क्या होगा, यह कुछ देर बाद यह पता चल जाएगा।

खोने के लिए तेजस्वी के पास कुछ नहीं

28 जनवरी को जब नीतीश कुमार महागठबंधन के सीएम पद से इस्तीफा देने के लिए जाने वाले थे, तब लालू प्रसाद यादव क्या तैयारी कर रहे थे- ‘अमर उजाला’ ने खुलासा कर दिया था। जब पूरी प्लानिंग के बावजूद राज्य में तेजस्वी यादव की सरकार बनाने के लिए राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के पास संख्या बल नहीं पूरा हुआ तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इससे यह माना जाने लगा कि लालू गणित नहीं बैठा रहे। लेकिन, वह जुगाड़ में लगे रहे। यही कारण है कि 28 जनवरी की शाम राजग सरकार के शपथ ग्रहण के बाद से बिहार की राजनीति में ‘खेला’ शब्द चर्चा-ए-आम हो गया। शुरुआत बेशक जीतन राम मांझी से हुई क्योंकि लालू यादव के गणित में वह पहले भी थे। अब आज खेला का असल हिसाब सामने आ रहा है। सभी के कुछ विधायक ‘पलटासन’ की मुद्रा में हैं, इसलिए दावा किसी का पक्का नहीं। अगर नीतीश कुमार सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाती है तो तेजस्वी यादव को सीएम बनाने का प्रयास होते-होते राष्ट्रपति शासन की तैयारी भी हो सकती है। और, अगर बहुमत हासिल हो गया तो भी तेजस्वी यादव के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने नीतीश कुमार सरकार को इन 14 दिनों में पूरी तरह हिलाकर रखा- इसमें कोई शक नहीं। 

लैंड फॉर जॉब है असल मुसीबत की जड़

तेजस्वी यादव को छोड़ पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब हटे थे, तब भी भ्रष्टाचार अहम मुद्दा था। अब तो लैंड फॉर जॉब केस में तेजस्वी यादव पर हर समय तलवार लटकी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को लोकसभा चुनाव में हराने के लिए तैयार हुए विपक्षी गठबंधन के अहम किरदार लालू प्रसाद यादव के बेटे होने के कारण उन्हें छेड़ने से पहले हर कदम पर प्रवर्तन निदेशालय को सोचना पड़ जाता है। पिछले दिनों जब पूछताछ कि लिए तेजस्वी यादव को बुलाया गया तो भी भारी भीड़ तनावपूर्ण माहौल में बाहर खड़ी थी। अगर भ्रष्टाचार का यह दाग नहीं होता तो क्रिकेट की तरह राजनीति में तेजस्वी यादव इस तरह पिछड़ते नहीं दिखते।  

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