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राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव।
– फोटो : Social Media
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बिहार में राष्ट्रीय जनता की मुश्किलें खत्म होने नाम नहीं ले रही। 12 फरवरी को विश्वास प्रस्ताव के वक्त विधानसभा में राजद के तीन विधायक नीलम देवी, चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव ने बगावत कर दी थी। तीनों विधायक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में जाकर बैठ गए थे और नीतीश कुमार के समर्थन में वोट दिया था। इन सब के बीच अब राजद अपने एक और विधायक को लेकर चिंता हैं। इस विधायक के निर्वाचन को ही भाजपा नेता ने चुनौती दे दी है। दरअसल, गोपालगंज के बैकुंठपुर विधानसभा सीट से राजद के टिकट पर विधायक बने प्रेम शंकर राय पर पटना हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। इस जुर्माने की राशि को उन्हें पटना हाईकोर्ट में जमा करना होगा।
27 फरवरी को अगली सुनवाई की तारीख दी गई
बताया जा रहा है कि पिछले विधानसभा चुनाव में बैकुंठपुर के राजद विधायक प्रेम शंकर राय के खिलाफ बैकुंठपुर के पूर्व विधायक व वर्तमान में भाजपा के प्रदेश महामंत्री मिथिलेश तिवारी ने पटना हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में मिथिलेश तिवारी ने दावा किया है कि प्रेम शंकर राय द्वारा चुनावी हलफनामे में निर्वाचन आयोग को कुछ जरूरी कागजात नहीं जमा किए गए हैं। इन कागजातों में कुछ गड़बड़ी की आशंका थी। इसी याचिका की सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट के जज अरुण कुमार झा ने सुनवाई करते हुए प्रेम शंकर राय पर 50 हजार रुपये का जुर्माने के साथ ही 27 फरवरी को अगली सुनवाई की तारीख दी गई। हालांकि, कोर्ट ने जुर्माना लगाने के साथ कहा कि प्रतिवादी को एक मौका दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने चुनाव याचिका का पूरा रिकॉर्ड देखने के बाद पाया कि जवाब देने में जानबूझ कर देरी करने की बात कही।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं राजद विधायक
भाजपा के प्रदेश महामंत्री मिथिलेश तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ बैंक के डिटेल्स, जिसमें पैसों की ट्रांजेक्शन में गड़बड़ी है। उसको प्रेम शंकर राय द्वारा चुनाव 2020 में बैकुंठपुर विधानसभा से नामांकन के दौरान निर्वाचन आयोग को कुछ बैंक डिटेल्स का हलफनामा नहीं दिया गया है। उस बैंक से संबंधित डिटेल्स को छुपा लिया गया है। इधर, इस मामले में राजद विधायक प्रेमशंकर राय का कहना है कि इस केस को लेकर वह पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
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