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फर्जीवाड़ा
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दरभंगा में एक महिला अपने पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रही थी। मामला सामने आया तो कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक हैरान रह गए। अधिकारी ने फौरन केस दर्ज कर आरोपी महिला पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। घटना मनीगाछी प्रखंड के राघोपुर पूर्वी पंचायत के नजरा मोहम्मदा गांव की है।
सरकारी पैसा वसूलने का आदेश
जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के नजरा मोहमद्दा गांव की रहने वाली महिला इशरत खातून ने मुंबई में मजदूरी कर रहे पति मो तौफीक के नाम पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा कर नाजायज तरीके से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का लाभ ले रही थी। जांच में इस बात के सामने आने पर बीडीओ अनुपम कुमार ने पंचायत सचिव सुरेश यादव को नाजायज तरीके से लाभ उठा रही महिला पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही पेंशन के रूप उठाया गया 16000 रुपए की वसूली का आदेश दिया है। योजना के तहत प्रति माह 400 रुपए पेंशन मिलती है।
तत्कालीन पंचायत सचिव भी संदेह के घेरे में आ रहे
बीडीओ अनुपम कुमार ने बताया कि यह मामला वित्तीय वर्ष 2017-18 का है। इस मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव भी संदेह के घेरे में आ रहे हैं। उनसे भी स्पष्टीकरण पूछा गया है। अगर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में उनकी संलिप्तता पाई गई तो उनपर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि 2017-18 में सारे प्रमाण पत्र मैनुअल बनाए जाते थे। बीडीओ ने बताया कि सूचना मिली कि इशरत खातून के पति मो तौफीक जिंदा है और मुंबई में मजदूरी करता है। इशरत अपने पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा कर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का लाभ ले रही है। गलत कागजातों के आधार पर पेंशन का लाभ लेने की जांच में पाया गया कि लाभार्थी का पति मो तौफीक मुंबई में मजदूरी करता है। पंचायत सचिव ने अपने पत्रांक 3 दिनांक 25/1/24 के द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट बीडीओ को सौंपी है
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