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शिक्षा विभाग का फरमान
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने जिस दिन से सीनियर आईएएस केके पाठक को शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया है, यह विभाग सुर्खियों में रह रहा है। रामचरितमानस विवाद से चर्चित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कोटे के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ऐसी खबरों के लिए पाठक को घेर भी चुके हैं, लेकिन फरमानों का सिलसिला रुक नहीं रहा है। अब मातहत अधिकारी भी उसी राह पर फरमान जारी कर रहे हैं। चर्चा में आया यह आदेश बेगूसराय जिले से है।
आदेश के पीछे बेगूसराय की वह घटनाएं
यह आदेश बेगूसराय जिले के चेरिया बरियारपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) ने जारी किया है। आदेश में जिक्र किया गया कि बीईओ ने 03, 07, 12 और 17 जुलाई को उच्च माध्यमिक विद्यालय चेरिया बरियारपुर का निरीक्षण किया था, जिसमें अधिकतर शिक्षक/शिक्षिका वर्ग कक्षा में मोबाइल पर व्यस्त मिले थे। लगातार निरीक्षक के बावजूद एक ही परिस्थिति को देखते हुए आदेश दिया गया है कि अब इस विद्यालय के क्लासरूम में कुर्सी नहीं रहनी चाहिए। कुर्सी दिख गई तो हेडमास्टर या प्रभारी हेडमास्टर और वर्ग शिक्षक समान रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे और उनपर कार्रवाई होगी।
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