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मीडिया से बातचीत करते महागठबंधन के वरीय नेता।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सांसदों के निलंबन पर बिहार में सियासी घमासान जारी है। 22 दिसंबर को बिहार में इंडी गठबंधन द्वारा प्रतिरोध मार्च का एलान किया गया है। गुरुवार को इंडी गठबंधन के सभी घटक दल नेताओं ने सामूहिक बैठक की। इसमें राजद, जदयू, कांग्रेस, वामदल के नेता उपस्थित हुए। कहा गया है कि इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल 22 दिसंबर यानी शुक्रवार को प्रतिरोध मार्च में शामिल होंगे। पटना में आयकर गोलंबर से मार्च निकाली जाएगी। यह मार्च हिन्दी भवन तक जाएगी।
जदयू ने कहा- लोकतंत्र की हत्या की जा रही है
इंडिया गठबंधन की बैठक राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें सभी घटक दल के नेता उपस्थित हुए। मीडिया से बातचीत के दौरान जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जो इतनी संख्या में सांसदों को निलंबित कर दिया गया। जनता के प्रतिनिधियों के आवाजों को रौंदा जा रहा है। संविधान को नष्ट किया जा रहा है। लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। इस बैठक के माध्यम से निर्णय लिया गया है कि बिहार के सभी जिलों में 22 दिसंबर को विरोध मार्च निकाला जाएगा। बिहार में इंडिया गठबंधन से जुड़े सभी दल के नेता और कार्यकर्ता इसमें शामिल होंगे।
राजद ने कहा- संसद में केंद्र सरकार जवाब देने से बच रही
राजद कहा कि जनता का प्रतिनिधित्व बड़े पैमाने पर इंडिया गठबंधन के लोग कर रहे हैं। संसद में केंद्र सरकार सवाल का जवाब देने से बच रही है। सांसदों को निलंबित कर दिया जा रहा है। संसद निर्जीव हो गई। लोकतंत्र की हत्या हो रही है। इंडिया का सवाल अगर आप संसद में नहीं देंगे तो आपको सड़क पर जवाब देना होगा। यह सवाल जनता है। सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए, लोकतंत्र की गरिमा अक्षुण्ण रहे इसके लिए इंडिया गठबंधन के लोग बिहार के सभी जिले में प्रदर्शन करेंगे। देश में लोकतंत्र को बचाने जनता सड़क पर उतरेगी। पटना में हमलोग इनकम टैक्स से यह मार्च निकालेंगे। यह मार्च जिला समहरणालय के हिन्दी भवन तक जाएगी।
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