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बिहार शिक्षा विभाग
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के सीतामढ़ी में कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से जिले के विद्यार्थी सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने से वंचित हो रहे हैं। दरअसल, जिले के किसी भी कॉलेज का मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। सभी कॉलेज के शिक्षा विभाग के मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर रजिस्टर्ड न रहने के कारण संबंधित कॉलेजों में अध्ययनरत सैकड़ों छात्र-छात्राएं छात्रलाभुक योजना के लिए आवेदन करने से वंचित हो जा रहे हैं।
दरअसल, सत्र 2023-24 के लिए बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के लिए मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर 16 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं। लेकिन पोर्टल पर जिले के एक भी कॉलेज के रजिस्टर्ड न रहने के कारण कक्षा 11वीं और 12वीं की छात्राएं ऑनलाइन आवेदन करने से वंचित रह जा रही हैं। जबकि नियमत: संबंधित कॉलेजों का पोर्टल पर रजिस्टर्ड रहना जरूरी है।
इसकी शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए लेखा योजना के डीपीओ डॉ. अमरेंद्र कुमार पाठक ने जिले के सभी कॉलेजों के प्राचार्य को नोटिस जारी किया है। वहीं, जारी नोटिस के निर्धारित प्रपत्र में कॉलेज का बायोडाटा उपलब्ध कराने को कहा है। ताकि मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर कॉलेज का नाम जोड़ने के लिए डाटा को शिक्षा विभाग के राज्य स्तरीय डीबीटी कोषांग को भेजा जा सके।
इस बारे में डीपीओ ने कहा कि बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के तहत संबंधित छात्राओं के खाते में डीबीटी के माध्यम से पोशाक की राशि भेजी जानी है। लेकिन जिले में संचालित सरकारी और सरकारी मान्यता प्राप्त निजी करीब डेढ़ दर्जन कॉलेजों में से एक भी कॉलेज मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं है। मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर कॉलेज का नाम न रहने के कारण नामांकित छात्राएं बिहार सरकार द्वारा संचालित उक्त योजना से वंचित रह जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर कॉलेज को रजिस्टर्ड कराने के लिए डाटा में कॉलेज का यू-डायस कोड, कॉलेज का नाम, प्राचार्य का नाम, मोबाइल नंबर आदि सूचनाएं दी जानी हैं।
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