Bihar News : सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर कैदी हुआ फरार, इस मामले में हुई थी गिरफ्तारी

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Bihar News : Prisoner escaped by dodging Bihar Police in Gaya, arrested in molestation case.

अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के कैदी वार्ड में इलाज करा रहा एक विचाराधीन बंदी अस्पताल से फरार हो गया। कैदी के भागने की सूचना मिलने के बाद अस्पताल और पुलिस-प्रशासन सकते में हैं। पुलिस का कहना है कि मगध मेडिकल थाना की पुलिस ने छेड़खानी के मामले में दो माह पूर्व आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रविवार को जेल प्रशासन ने कैदी को इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया था और बुधवार को उसको डिस्चार्ज कर वापस जेल ले जाना था। इसी बीच उसने सुरक्षा बलों को शौच का चकमा देकर फरार हो गया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग की काफी किरकिरी होने लगी है। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आरोपी अमित कुमार के भाई को हिरासत में ले लिया है और उससे पुछताछ कर रही है।

छेड़छाड़ के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी 

पुलिस का कहना है कि मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के कलेर निवासी कांग्रेस सिंह के पुत्र अमित कुमार को 28 अक्तूबर को पुलिस ने एक युवती से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस संबंध में मगध मेडिकल थाना में अमित कुमार के विरुद्ध कांड संख्या 459/23 के तहत मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

रविवार को एएनएमएमसीएच में हुआ था भर्ती

जानकारी के मुताबिक किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए अमित को गया केंद्रीय कारा से रविवार को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था। वहां मेडिसीन विभाग के डॉ. कमलेश कुमार के यूनिट में उसका इलाज चल रहा था।

डिस्चार्ज पेपर भी लेकर भागा बंदी, अब उठने लगे सवाल

जानकारी के अनुसार बुधवार को इलाज के बाद अमित कुमार की स्थिति ठीक होने के कारण उसे एएनएमएमसीएच से डिस्चार्ज कर दिया गया था। और सुरक्षाकर्मी उसे वापस केंद्रीय कारा ले जाने की तैयारी में थे। इसी बीच शौचालय जाने के बहाने अमित सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर वहां से फरार हो गया। इतना ही नहीं जाते-जाते वह अस्पताल से मिला डिस्चार्ज स्लिप भी अपने साथ लेकर चला गया। इस घटना के बाद कई प्रश्न उठने लगे हैं। अगर अस्पताल प्रशासन के द्वारा आरोपी का डिस्चार्ज कर दिया था, तो वह स्लिप फरार आरोपी अमित कुमार को कैसे मिला। एक ओर अस्पताल प्रशासन अपना पल्ला झाड़ रही है कि हमने तो इलाज कर आरोपी के साथ आए सुरक्षा कर्मियों को डिस्चार्ज स्लिप दे दिया। इस मामले को लेकर अब सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों पर सवाल उठने लगे हैं। इस लापरवाही पर भी पुलिस प्रशासन छानबीन कर रही है।

भाई को पुलिस ने किया गिरफ्तार

विचाराधीन कैदी के अस्पताल से फरार हो जाने के बाद आनन-फानन में पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरु कर दी है। हालांकि अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी बीच पुलिस ने फरार विचाराधीन कैदी के भाई अमरजीत कुमार को उसे भगाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिसिया लापरवाही उजागर

अस्पताल परिसर से कैदी के फरार हो जाने के बाद एक बार फिर से पुलिसिया लापरवाही सामने आई है। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के कैदी वार्ड से विचाराधीन बंदी फरार हो चुके हैं।

 

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