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दरभंगा व्यवहार न्यायालय
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार में व्यवहार न्यायालय दरभंगा के तृतीय एडीजे सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जिले के मनीगाछी थानाक्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी हैदर हजाम, मो. नसीम उर्फ शेर अली खां और दहौड़ा मुशहरी टोल निवासी भरत सदा को सजा सुनाई है। यह मामला मनीगाछी थाना क्षेत्र के राघोपुर उत्तरी पंचायत का है। जहां मुखिया के पति रियाजुद्दीन की हत्या कर दी गई थी। इस जुर्म में तीन अपराधियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा मिली है। साथ ही तीनों अपराधियों को दो-दो लाख अर्थदंड की सजा दी गई है। कोर्ट ने अर्थदंड नहीं चुकाने पर तीनों दोषियों को एक-एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतने का प्रावधान किया है।
28 नवंबर को ठहराए गए थे दोषी
आरोप गठन के बाद अभियोजन पक्ष से दस गवाहों की गवाही और 15 सबूत दाखिल किए गए। इस हत्याकांड में सूचक की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह, डॉ. राजीवचंद्र झा और ऋषभ श्रीवास्तव ने एपीपी को पूरी मुस्तैदी से सहयोग किया। इन तीनों अपराधियों को अदालत ने गत 28 नवंबर 23 को ही दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था।
आजीवन सश्रम कारावास और अर्थ दंड की सजा
अदालत ने गुरुवार को दोष सिद्ध आरोपियों की सजा निर्धारण के बिंदु पर अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनी। उसके बाद मनीगाछी थानाक्षेत्र के नारायणपुर गांव के हैदर हजाम, मो. नसीम उर्फ शेर अली खान और दहौड़ा मुशहरी टोल के भरत सदा को भादंवि की धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये अर्थदंड और भादंवि की धारा 120(b) में आजीवन सश्रम कारावास तथा एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुई है।
दिनदहाड़े चाकू मारकर की गई थी हत्या
अभियोजन पक्ष का संचालन कर रहे एपीपी रेणू झा ने बताया कि 21 जून 2020 को राघोपुर उत्तरी पंचायत के मुखिया रेहाना खातून के पति मो. रियाजुद्दीन दहौड़ा गांव के शिवनाथ यादव के घर से पंचायत कर लौट रहे थे। जब वे दहौड़ा में ही हीरोहोंडा एजेंसी के पास मोटरसाइकिल से पहुंचे तो उपरोक्त आरोपियों ने दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या कर दी। इस घटना को लेकर मृतक के भाई मो. शब्बीर ने मनीगाछी थाने में 21 जून को ही प्राथमिकी दर्ज करा दी।
चुनावी रंजिश में ली गई थी जान
इस मामले में पुलिस ने 15 सितंबर 2020 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। सूचक शब्बीर ने अदालत के फैसले पर रोते हुए कहा कि भाई तो चला गया, लेकिन कोर्ट ने दोषियों की सजा मुकर्रर कर मेरे परिवार को संतोष प्रदान किया है। शब्बीर ने कहा कि मेरी भाभी रेहाना खतून ने हत्यारे हैदर हजाम की पत्नी को ग्राम पंचायत चुनाव में पराजित किया था। इसी रंजिश में साजिश रचकर मेरे भाई की हत्या की गई।
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