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दरभंगा मेडिकल कॉलेज
– फोटो : अमर उजाला
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उत्तर बिहार का लाइफ लाइन कहे जाने वाले डीएमसीएच में इलाजरत करीब 600 मरीजों को दिया जाने वाला खाना और नाश्ता जीविका दीदीयों के द्वारा कभी भी बंद हो सकता है। यह हम नहीं कह रहे हैं, यह स्वजन दीदी रसोई की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने बताया कि डीएमसीएच और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण सात महीने यानी जुलाई 2023 से ही संस्था का भुगतान नहीं हुआ है। इस कारण मरीजों के भोजन की व्यवस्था करने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने साफतौर पर कहा है कि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो जीविका दीदियों का रसोई ठप हो जाएगा।
जानकारी के अनुसार, डीएमसीएच में इलाजरत करीब 600 मरीजों को प्रतिदिन दीदी रसोई के द्वारा सुबह के नाश्ते सहित दिन-रात का भोजन दिया जाता है। इस संस्था को करीब सात महीने से बिल का भुगतान नहीं किया जा रहा है। संस्था के द्वारा भुगतान को लेकर स्वास्थ्य विभाग और डीएमसीएच से कई बार पत्राचार किया जा चुका है। लेकिन अब तक भुगतान संबंधी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका, जिस कारण इस संस्था में काम कर रही जीविका दीदीयों का भुगतान भी काफी दिनों से लंबित है।
इस संबंध में जीविका की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ. ऋचा गार्गी ने बताया कि पिछले सात महीने से स्वास्थ्य विभाग और डीएमसीएच की लापरवाही के कारण संस्था का भुगतान नहीं हो पाया है। हम लोग पत्र के माध्यम से विभाग को कई बार रिमाइंडर भेजकर भुगतान का आग्रह किए हैं। लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है, जिस कारण मरीजों के भोजन और काम करने वाली जीविका दीदीयों के वेतन भुगतान में काफी दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस तरह की समस्या आई थी तो काफी पत्राचार और प्रशासन के बीच-बचाव के बाद ही भुगतान हुआ था।
इस मामले को डीएमसीएच के उपधीक्षक डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि जीविका दीदी की रसोई का भुगतान पहले स्वास्थ्य विभाग की तरफ से होता था। लेकिन अब इनका भुगतान डीएमसीएच की तरफ से होना है। लेकिन विभाग के द्वारा स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने के कारण फाइल रुकी हुई है। विभागीय निर्देश मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
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