Bihar News: GMCH को महारानी जानकी कुंवर के नाम पर रखने की उठी मांग, विधायक उमाकांत सिंह ने कही ये बात

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Demand raised to name GMCH after Maharani Janaki Kunwar

GMCH को महारानी जानकी कुंवर के नाम पर रखने की उठी मांग
– फोटो : अमर उजाला

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स्थानीय स्तर पर अस्पताल के नाम बदलने की कई सालों से लोग मांग कर रहे थे। इधर, विधायक द्वारा विधानसभा में इस पर आवाज उठाने के बाद लोगों में खुशी की लहर है। लोग कयास लगा रहे हैं कि अब फिर जीएमसीएच का पुनः नाम बदलकर महारानी जानकी कुंवर हो जाएगा।

बिहार विधानसभा मे विधायक उमाकांत सिंह ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति राज्य सरकार को तीन कट्ठा से अधिक जमीन दान करता है तो उसपर निर्मित भवन या स्थान उस व्यक्ति या उसके पूर्वजों के नाम से जाना जाता है, लेकिन महारानी जानकी कुंवर ने जमीन के साथ-साथ अस्पताल निर्माण में धनराशि भी दिए थे। इसलिए सरकार को पुनः विचार करते हुए जीएमसीएच का नामकरण महारानी जानकी कुंवर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल करना चाहिए। बिहार विधानसभा में विधायक उमाकांत सिंह ने कहा कि पूर्व में महारानी जानकी कुंवर अस्पताल, जिसका एक ऐतिहासिक महत्व है। एमजेके हॉस्पिटल के नाम से जाना जाने वाला यह एकमात्र अस्पताल है। जिसे बेतिया राज की महारानी जानकी कुंवर ने जमीन के अलावा पैसे भी दान में दिए थे।

बेतिया मेडिकल कॉलेज के लिए दी बड़ी धनराशि

बता दें कि महारानी जानकी कुंवर का जन्म मार्च 1870 ई0 में हुआ था। मात्र 23 वर्ष की आयु में उनका विवाह बेतिया महाराज हरेंद्र किशोर सिंह से 02 मार्च 1893 ई0 को कोलकाता स्थित बेतिया राज के महल में हुआ था। वे मात्र 22 दिन ही सुहागन रही थी। 1896 ई0 में महाराजा हरेंद्र किशोर सिंह की पहली पत्नी, महारानी शिव रतन कुंवर की मृत्यु के बाद बेतिया राज की महारानी के रूप में पदभार ग्रहण किया। लगभग अपने 1 वर्ष के शासनकाल में महारानी जानकी कुंवर ने अनेक रचनात्मक कार्य किए ताकि बेतिया के आम जनों के जीवन को सरल एवं सुलभ बनाया जा सके। महारानी जानकी कुंवर ने अपने 1 वर्ष के शासनकाल में बेतिया मेडिकल कॉलेज के लिए एक बड़ी धनराशि मुजफ्फरपुर स्थित बैंक में जमा कराई, ताकि बेतिया में उच्च श्रेणी का मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थापित हो। 

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