[ad_1]

बिहार पुलिस।
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पुलिसकर्मियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को अब बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने मान लिया है। बिहार पुलिस केंद्रीय प्रशासी समिति की बैठक में गुरुवार को फैसला हुआ कि अब ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले या इस दौरान घायल होने के बाद इलाज के क्रम में मौत होने पर पुलिसकर्मियों के आश्रितों को एकमुश्त 25 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। पुलिसकर्मी चाहे वह पदाधिकारी हों या सिपाही, हर स्तर पर बराबर राशि के अनुदान का प्रावधान किया गया है। पुलिस महानिदेशक आर. एस. भट्ठी की अध्यक्षता में बिहार पुलिस केंद्रीय प्रशासी समिति की बैठक के बाद डीजीपी के सहायक (कल्याण) विशाल शर्मा ने यह जानकारी दी।
बिहार पुलिस केन्द्रीय प्रशासी समिति के द्वारा की गई बैठक में गई निर्णय लिए गए। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा इसको लेकर रिलीज जारी की गई है। वह इस प्रकार है…
- बिहार पुलिस परोपकारी कोष से सहायता अनुदान हेतु प्राप्त कुल 39 आवेदनों पर विचारोपरान्त 4. 2 लाख रुपये राशि स्वीकृत कर भुगतान हेतु सहमति दी गयी।
- पुलिस सहाय्य एवं कल्याण कोष से विशेष परिस्थिति में कुल 14 पुलिस पदाधिकारियों / कर्मियों को कुल 7,30,000/- (सात लाख तीस हजार रुपये) मात्र अनुदान राशि स्वीकृत कर भुगतान किये गये राशि को सर्वसम्मतित से अनुमोदित किया गया।
- पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष से अनुदान हेतु प्राप्त कुल 106 आवेदनों पर समीक्षोपरान्त स्वीकृत कर कुल 18 लाख की राशि को सर्वसम्मतित से अनुमोदित किया गया।
- बिहार पुलिस शिक्षा कोष से सहायता अनुदान हेतु प्राप्त कुल 394 आवेदनों पर समीक्षोपरान्त स्वीकृत कुल 39,32,000/- (उन्चालिस लाख बत्तीस हजार) रुपये मात्र की राशि को सर्वसम्मतित से अनुमोदित किया गया।
- बैठक में केन्द्रीय प्रशासी समिति द्वारा सक्रिय रूप से पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों का कर्तव्य के दौरान मृत्यु यथा उग्रवादी मुठभेड़ / अपराधिक मुठभेड / हिंसा / बारूदी सुरंग / नक्सली हमला / दंगा / दुर्घटना / छापामारी के दौरान मृत्यु तथा उक्त घटना में घायल होन पर ईलाज के क्रम में मृत्यु होने से आश्रित को 25 लाख रुपये एक मुस्त अनुदान राशि चेक / बैंक खाता के माध्यम से भुगतान करने का निर्णय लिया गया।
अत्महत्या करने वाले को नहीं मिलेगा अनुदान
- आत्महत्या की स्थिति में अनुदान देय नहीं होगा। इसका लाभ बिहार पुलिस के सिपाही, हवलदार, लिपिक, स०अ०नि० पु०अ०नि० पु०नि०, बिहार पुलिस सेवा के पदाधिकारियों एवं भारतीय पुलिस सेवा के सभी पदाधिकारियों को प्राप्त होगा।
- अनुदान हेतु अंशदान राशि सभी पदाधिकारियों / कर्मियों के वेतन से निम्नांकित तालिकानुसार वार्षिक अगस्त माह के वेतन से कटौती की जायेगी। उपरोक्त अंशदान परोपकारी कोष के अंशदान के अतिरिक्त होगा।
- परोपकारी कोष से मिलने वाले उपरोक्त अनुदान (25 लाख रुपये एक मुस्त) के अलावे अन्य किसी प्रकार का लाभ बिहार पुलिस सेवा के पदाधिकारी एवं भारतीय पुलिस सेवा के पदाधिकारी को देय नहीं होगा।
[ad_2]
Source link