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भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ओम प्रकाश यादव।
– फोटो : अमर उजाला
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दिवंगत बाहुबली नेता मो. शहाबुद्दीन के खिलाफ खड़े होने वाले भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और सीवान के पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव फिर से चर्चा में हैं। उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। ओम प्रकाश यादव ने एलान किया है कि अगर इस पर मुझे टिकट नहीं देती है तो मैं पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा, भले ही पार्टी मुझे निकाल दे। उन्होंने मीडिया के जरिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से सवाल किया कि आखिर क्यों बाहरी लोगों को सीवान लाकर थोप दिया जाता है। पार्टी मुझे कारण बताएगी कि मुझे क्यों टिकट नहीं मिलना चाहिए? क्या मेरी पकड़ कमजोर हो गई है? या कोई कारण तो बताएगी? अबकी बार अगर टिकट कटा तो मैं निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि 2019 में जदयू के साथ गठबंधन की वजह से मुझे टिकट नही मिला। तब भी मैने ईमानदारी पूर्वक साथ दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पटना दौरे से ठीक एक दिन पहले इस एलान के मायने हैं।
भाजपा की ओर से मंगल पांडे को टिकट मिलने की चर्चा
पूर्व सांसद के इस बयान के बाद भाजपा खेमे में बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि, अब तक भाजपा की ओर इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं है।स्थानीय लोगों के अनुसार, सीवान लोकसभा सीट से भाजपा नेता मंगल पांडे के टिकट मिलने की चर्चा है। वहीं एक महिला नेत्री अनीता सिंह के बारे में भी चर्चा है कि भाजपा उन्हें ही न उम्मीदवार बना दे। भाजपा की आरे से पूर्व सांसद और प्रदेश उपाध्यक्ष ओम प्रकाश यादव के नाम की दूर-दूर तक कोई चर्चा नहीं है। बुधवार को मीडिया ने जैसे ही ओम प्रकाश यादव से यह सवाल किया गया कि आपको क्या टिकट मिल रहा है? अगर टिकट नहीं मिलेगा तो आप क्या करेंगे तो उन्होंने साफ लफ्जों में पार्टी से बगावत का एलान कर दिया।
शहाबुद्दीन के घोर विरोधी बन गए थे ओम प्रकाश यादव
बता दें कि यह वही ओम प्रकाश यादव हैं जिन्होंने दिवंगत बाहुबली नेता मो. शहाबुद्दीन को चुनौती दी थी। एक वक्त ऐसा भी आया जब ओम प्रकाश यादव शहाबुद्दीन के घोर विरोधी बन गए और सीवान लोकसभा सीट से 2009 और 2014 दो बार सांसद रहे। 2019 में जदयू से गठबंधन की वजह से यह सीट भाजपा को नहीं जाकर जदयू के खाते में चली गई। जदयू से कविता सिंह को टिकट दिया। इसमें उनकी जीत हुई।
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