Bihar Vidhan Sabha: आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट पर भाजपा ने पूछा- बेरोजगारों की संख्या क्यों नहीं बता रही सरकार

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Bihar Vidhan Sabha: BJP's Vijay Sinha targets Nitish Kumar on the report of Economic Survey, Caste Census

नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा और सीएम नीतीश कुमार
– फोटो : सोशल मीडिया



विस्तार


बिहार विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट सदन के पटल पर पेश की गई। चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी के विजय सिन्हा कई मुद्दो पर घेरने की कोशिश की। विजय सिन्हा ने कहा कि  यह जाति आधारित सर्वे की नींव एनडीए सरकार में पड़ी थी। जो साथ बैठकर ढोल बजा रहे हैं। आज मुख्यमंत्री जी की बेचैनी भी दिख रही है। जातिय सर्वे के प्रस्ताव में भाजपा ने समर्थन किया। कैबिनेट में भी समर्थन किया। इसी सदन में भाजपा ने पूरी सहमती जताई थी। गरीबों के हित में हमेशा भाजपा साथ खड़ी है। हर तरह योजनाओं में भाजपा समर्थन करती है। यहां पर बड़े विद्वान बैठे हैं। बड़े अनुभवी लोग हैं। लेकिन, इन अनुभवी लोगों से मैं कहना चाहूंगा कि जिन लोगों ने भरमाने का, घुमाने का काम करते हैं वह ऐसा न करें।

जातीय सर्वे की रिपोर्ट में कई शिकायत

भाजपा ने कभी जातीय सर्वे का विरोध नहीं किया था लेकिन इस जातीय सर्वे की रिपोर्ट जब पेश की गई तो उसमें कई शिकायतें आई हैं। चाहे चंद्रवंशी हो या धानुक समाज हो सभी लोग शिकायत लेकर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। किस जाति कितना बेरोजगार इसकी जानकारी बिहार सरकार ने नहीं दी। केवल किस जाति में कितने लोग रोजगार वाले हैं, इसकी ही जानकारी दी गई। बेरोजगार के मुद्दे पर सरकार मौन क्यों हैं। नीतीश सरकार इसकी जानकारी क्यों नहीं दे रही है। 

ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया

नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया। भाजपा ने अतिपिछड़ों और महिलाओं के हित में काम किया। 1990 से 2005 में राजद और कांग्रेस की सरकार ने अतिपिछड़ों को आरक्षण क्यों नहीं दिया। नवोदय, सैनिक स्कूल में भाजपा ने अति पिछड़ों को आरक्षण दिया। आज हमारे ओबीसी प्रधानमंत्री गरीबों के हित में काम कर रहे हैं। 

घमंडिया गठबंधन अतिपिछड़ों के हित की बात नहीं करती

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अति पिछड़ों के आंकड़ों के लेकर जो प्रश्न उठ रहा है बिहार सरकार को उसपर ध्यान देना चाहिए। क्यों गरीबों को भरमाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री जी आपने किसी अति पिछड़े समाज से आने वालों को मुख्यमंत्री क्यों नहीं घोषित किया। आखिर क्या बेचैनी है आपको? हमने तो अतिपिछड़े समाज से आनी वाली रेणु देवी को उपमुख्यमंत्री बनाया। हरि सहनी को नेता प्रतिपक्ष बनाया। घमंडिया गठबंधन अतिपिछड़ों के हित की बात नहीं करती है। उनके हित में क्या-क्या काम आज तक उन्होंने किया, इसे गिनाना चाहिए।

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