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कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी
– फोटो : संवाद
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केंद्र सरकार की परियोजना होते हुए भी भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन का 75 फीसदी खर्च उठाने के लिए हिमाचल को मजबूर किया जा रहा है। इससे बड़ा अन्याय और कोई नहीं हो सकता। प्रदेश अब तक परियोजना के लिए 1300 करोड़ दे चुका है। होना यह चाहिए कि नेशनल हाईवे की तरह रेललाइन पर भी 100 फीसदी खर्च केंद्र वहन करे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिलासपुर से हैं, आग्रह है कि वह इस बारे में बात करें। जो पैसा प्रदेश सरकार से लिया है, उसे भी वापस करें। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद बिलासपुर पहुंचे राजेश धर्माणी ने परिधि गृह बिलासपुर में पत्रकारों से यह बात कही।
पसंद के विभाग के सवाल पर धर्माणी बोले-यह मुख्यमंत्री का अधिकार है। प्रदेश की जनता समझदार है। हिमाचल की जनता देश की राजनीति का रुख बदलने का दम रखती है। भाजपा ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया, उसके बाद भी हिमाचल में कांग्रेस की सरकार जनता ने बनाई। इस बार हम लोकसभा की चारों सीटें जीतेंगे। कांग्रेस का झंडा दिल्ली में भी बुलंद करेंगे। औहर में बन रहे हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के राष्ट्रीय स्तर के होटल के निर्माण पर उन्होंने कहा कि 2012 में इसके लिए साढ़े 12 बीघा जमीन पर्यटन विभाग के नाम की थी।
अब लगा कि यह पर्याप्त नहीं है, इसलिए इसे 40 बीघा किया गया। हेलीपोर्ट के लिए भी पांच बीघा जमीन दी है। आभार जताने गए थे दिल्ली, लोकसभा चुनाव पर फोकसमंत्री ने कहा कि हाईकमान का धन्यवाद करने दिल्ली गए थे। लोकसभा चुनाव नजदीक हैं, हमारा फोकस रहेगा कि हम यह चुनाव जीतें। उन्होंने उन्हें मंत्री बनाने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पार्टी के आला नेताओं का आभार जताया।
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