[ad_1]
बदायूं शहर की बाबा कॉलोनी में दो बच्चों की हत्या के बाद जावेद दिल्ली भाग गया था। इससे पहले वह एक दिन अपनी ससुराल सहसवान में रुका था। बृहस्पतिवार को दिल्ली से बरेली आकर उसने बारादरी थाने की सैटेलाइट पुलिस चौकी में सरेंडर कर दिया। जहां से उसे बदायूं पुलिस को सौंप दिया गया।
जावेद के सरेंडर होने से पहले ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें टेंपो में बैठा जावेद कुछ लोगों से कह रहा है कि जब उसे हत्याकांड का पता चला तो वह अपने घर सखानूं से बदायूं शहर आया था लेकिन वहां काफी भीड़भाड़ थी, इससे वह डर गया और सहसवान चला गया।
रास्ते में उसके मोबाइल पर कई लोगों की कॉल आई। इन लोगों ने बताया कि साजिद ने बाबा कॉलोनी में दो बच्चों की हत्या कर दी है। ये कॉल रिकॉर्ड उसके मोबाइल में सुरक्षित है। वह ऑटो में बैठे लोगों से पुलिस के पास ले चलने के लिए कहता है। अपना आधार कार्ड भी उन्हें दिखाता है।
आत्मसमर्पण से पहले वीडियो वायरल, पकड़ने वाले भी संदेह के घरे में
जावेद ने जिस अंदाज में खुद को पुलिस के हवाले किया वह काफी शातिराना है। उसे पकड़कर पुलिस को सौंपने वाले स्थानीय युवक इनाम के लालच में बदायूं गए हैं, चर्चा है कि वहां पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पूरी योजना एनकाउंटर से बचने की थी।
बृहस्पतिवार तड़के साढ़े तीन बजे करीब बने वीडियो में ऑटो में बैठे तीन-चार लोग जावेद का आधार कार्ड देखकर उसके नाम पते की पुष्टि करते दिख रहे हैं। ये लोग बार-बार उसका नाम लेकर पूछ रहे हैं कि वह वही बदायूं कांड से जुड़ा जावेद है। कुछ ने गुस्सा जताकर उसे गालियां भी दीं।
कुछ ने निर्ममता से की गई हत्या को लेकर उससे सवाल किए। वीडियो में लोगों के सवाल, गालियां आदि सबकुछ सुनाई आ रहा है, लेकिन चेहरा केवल जावेद का ही दिख रहा है। इससे लग रहा है कि शातिर शख्स ने वीडियो बनाया है जिससे किसी भी स्थिति में वह न फंसें।
[ad_2]
Source link