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सीमेक्स इंटरनेशनल स्कूल की टॉपर्स छात्रा दिशा कुमारी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीबीएसई के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित होते ही सफल हुए परीक्षार्थियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। सभी ने एक-दूसरे को फोन पर परीक्षा परिणाम की जानकारी देना शुरू कर दिया। टॉपर रहे विद्यार्थियों में से किसी ख्वाहिश आईएएस बनने की है तो कोई सीए और कोई जज बनकर माता-पिता का सपना साकार करना चाहता है।
मैं भविष्य में सीए बनना चाहता हूं। सतत अध्ययन मेरी सफलता का राज है। मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा उत्साहवर्धन किया। इस कारण मैं यह सफलता हासिल कर सका। मैंने यूट्यूब से काफी मदद ली। -सार्थक अग्रवाल, बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल, हाथरस
मैं भविष्य में न्यायिक सेवा में जाना चाह रही हूं। मैंने अपनी सफलता के लिए ऑनलाइन क्लासेज की मदद भी ली। मेरे परिवार ने काफी सहयोग किया। मेरी सफलता का मूलमंत्र यह रहा कि जितना पढ़ो ध्यान से पढ़ो और निरंतर पढ़ो। -रसिका अग्रवाल, बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल, हाथरस
मैं भविष्य में आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहता हूं। मेरी सफलता में मेरे माता पिता और अध्यापकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मैंने अपनी सफलता के लिए यू ट्यूब के जरिए ऑनलाइन क्लासेज की मदद भी ली। -अनिरुद्ध सारस्वत, बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल हाथरस
मैं भविष्य में एमबीए करना चाहती हूं। पढ़ाई के दौरान हमेशा सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। स्वत: अध्ययन और परिवार के सहयोग से यह सफलता प्राप्त हुई है। -आयुषी बंसल, दून पब्लिक स्कूल हाथरस
मैं भविष्य में सीए बनना चाहती हूं और इसके लिए मैने कोचिंग शुरू कर दी है। मेरी सफलता में मेरे चाचा ने मेरी मदद की। जरूरत के समय सोशल मीडिया प्लेटफार्म का प्रयोग भी किया, परंतु बोर्ड परीक्षा के तीन माह पूर्व उससे दूरी बना ली। -सुहानी अग्रवाल, सेकसरिया सुशीला देवी पब्लिक स्कूल हाथरस
मैं भविष्य में आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हूं। मैं अपनी सफलता का मूल मंत्र सतत अध्ययन और किसी भी विषय का गहन अध्ययन मानती हूं। मेरे परिवार का मोरल सपोर्ट रहा। इस कारण मुझे कभी निराश नहीं होना पड़ा। मुझे माता-पिता, दादी और गुरुओं के आशीर्वाद से यह सफलता प्राप्त हुई है। मेरी कामना है कि इसी तरह का आशीर्वाद हमेशा मुझ पर बना रहे। -प्रत्यक्षा, बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल हाथरस
मैं भविष्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता हूं। मैने अध्ययन के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी समय समय पर प्रयोग किया, जो काफी मददगार साबित हुआ। मुझे पढ़ाई के समय मेरे माता-पिता और अध्यापकों ने प्रेरित किया। इस कारण मुझे यह सफलता मिल सकी है। -पारस वार्ष्णेय, सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज, हाथरस
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