CDIL Semiconductor जोड़ेगी नई असेंबली लाइनें, मकसद वार्षिक क्षमता 10 करोड़ यूनिट तक बढ़ाना

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सीडीआईएल सेमीकंडक्टर (CDIL Semiconductor) नई असेंबली लाइनें जोड़ेगा और अपनी क्षमता को 10 करोड़ यूनिट तक बढ़ाएगा. यह कंपनी की भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक घटकों और अर्धचालकों के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना के तहत है. सीडीआईएल सेमीकंडक्टर्स (कॉन्टिनेंटल डिवाइस इंडिया) ने कहा कि वह इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एसपीईसीएस योजना के जरिए नई सेमीकंडक्टर पैकेजिंग लाइनें जोड़ेगी. सेमीकंडक्टर चिप्स तथा घटक निर्माता नई लाइनों के जरिए वार्षिक क्षमता को 10 करोड़ यूनिट तक बढ़ाना चाहते हैं.

राजीव चंद्रशेखर 28 सितंबर को इसका उद्घाटन करेंगे

कंपनी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उसने पांच करोड़ उपकरणों की सर्फेस-माउंट पैकेजिंग लाइन के साथ इस उत्पादन के पहले चरण की शुरुआत की है. इलेक्ट्रॉनिकी एवं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर 28 सितंबर को इसका उद्घाटन करेंगे.

अर्धचालकों के विनिर्माण को बढ़ावा

विज्ञप्ति के अनुसार, ‘सीडीआईएल सेमीकंडक्टर (कॉन्टिनेंटल डिवाइस इंडिया)…भारत सरकार तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इलेक्ट्रॉनिक घटकों तथा अर्धचालकों के विनिर्माण को बढ़ावा (एसपीईसीएस) देने की योजना के जरिए नई सेमीकंडक्टर पैकेजिंग लाइने जोड़ेगी.’

सीडीआईएल का मकसद नई लाइनों के साथ अपनी वार्षिक क्षमता 10 करोड़ यूनिट तक बढ़ाना

विज्ञप्ति के अनुसार, सीडीआईएल का मकसद नई लाइनों के साथ अपनी वार्षिक क्षमता 10 करोड़ यूनिट तक बढ़ाना है. सीडीआईएल उपभोक्ता, औद्योगिक, रक्षा, एयरोस्पेस तथा ऑटोमोटिव उद्योगों में वैश्विक ग्राहक आधार के लिए एक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेवा प्रदाता है. विज्ञप्ति के अनुसार, कंपनी के ग्राहक अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, चीन, हांगकांग, जापान, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और मिस्र में फैले हैं.

सीडीआईएल सेमीकंडक्टर की नई असेंबली लाइनें भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित हैं

सीडीआईएल सेमीकंडक्टर की नई असेंबली लाइनें भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित हैं. ये लाइनें 2024 के अंत तक चालू हो जाएंगी. नई असेंबली लाइनों के साथ, सीडीआईएल सेमीकंडक्टर अपनी क्षमता को वर्तमान 1 करोड़ यूनिट से 10 करोड़ यूनिट तक बढ़ा देगा.

विभिन्न प्रकार के सेमीकंडक्टर चिप्स को असेंबल करेंगी

सीडीआईएल सेमीकंडक्टर की नई असेंबली लाइनें विभिन्न प्रकार के सेमीकंडक्टर चिप्स को असेंबल करेंगी, जिनमें शामिल हैं:

सीडीआईएल सेमीकंडक्टर की नई असेंबली लाइनें भारत में सेमीकंडक्टर के विनिर्माण को बढ़ावा देने में मदद करेंगी. इससे भारतीय उद्योगों की घरेलू मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने में मदद मिलेगी.

5,000 लोगों को रोजगार मिलेगा

सीडीआईएल सेमीकंडक्टर की नई असेंबली लाइनों के लिए कुल निवेश ₹1,000 करोड़ है. इस निवेश से लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलेगा.

सेमीकंडक्टर क्या होता है? 

सेमीकंडक्टर का मतलब अर्धचालक होता है और इसका इस्तेमाल करंट को नियंत्रित करने में किया जाता है. सेमीकंडक्टर असल में सिलिकॉन से बनाए जाते हैं जो चिप फॉर्म में होते हैं. मौजूदा समय में जितनी भी कारे मार्केट में अवेलेबल हैं उन सभी में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है. इनका इस्तेमाल करंट को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. इनके बगैर मौजूदा कारों की कल्पना करना बेकार है क्योंकि ये ना हों तो कार के हाईटेक फीचर्स को इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. ऐसे में आपकी कार चुनिंदा फीचर्स के साथ ही अवेलेबल होगी. कारों को चलता फिरता कंप्यूटर बनाने में सेमीकंडक्टर की अहम भूमिका है.

कारों में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल

कारों में सेमीकंडक्टर इस्तेमाल हेड्स अप डिस्प्ले, ऑटोनॉमस ड्राइविंग ऐड, सेन्सर्स, सेलफोन और कम्यूनिकेशन इंटीग्रेशन के साथ उच्च दक्षता वाले इंजन के एलिमेंट्स में होता है. इसके साथ ही ड्राइवर असिस्टेंस, पार्किंग के लिए रियर कैमरा और सेंसर्स कंट्रोल, ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन, एडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन चेंज असिस्ट, एयरबैग और इमरजें ब्रेकिंग में भी सेमीकंडक्टर की जरूरत होती है. आपको बता दें कि कार के इन पार्ट्स को और ज्यादा बेहतर और हाईटेक बनाने में सेमीकंडक्टर जरूरी भूमिका अदा करते हैं.

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