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बिलासपुर में ट्रक।
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में एसीसी सीमेंट प्लांट बंद होने से दि बिलासुपर जिला ट्रक परिवहन सभा के करीब 500 ट्रक ऑपरेटरों के लिए बैंक कर्ज की मासिक किस्त निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। इन ट्रक ऑपरेटरों पर हिमाचल प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक का ही करीब 50 करोड़ का कर्ज है। अगर अदाणी समूह एसीसी सीमेंट इकाई बरमाणा को शुरू नहीं करता है तो इन ऑपरेटरों के लिए इस कर्ज को चुकाना मुमकिन नहीं होगा। एसीसी सीमेंट प्लांट से सीमेंट की ढुलाई के कार्य के लिए ही ऑपरेटरों ने बैंक से कर्ज लेकर ट्रक लिए थे। अगर बात हिमाचल हिमाचल प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक की करें तो इस बैंक में ऑपरेटरों का करीब नौ करोड़ का पुराना कर्ज है। वहीं, 41 करोड़ का कर्ज नए ट्रकों का है। इन ऑपरेटरों को नहीं पता था कि अदाणी समूह इस सीमेंट इकाई पर ताला जड़ देगा और उन्हें ऐसी परिस्थिति से जूझना पड़ेगा।
बड़ी बात यह है कि इन्हीं ट्रकों से इन ऑपरेटरों के परिवार का भरण पोषण होता है। वहीं, ट्रकों की मासिक किस्त भी एसीसी सीमेंट ढुलाई से ही निकलती है। जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक की बरमाणा शाखा में ट्रक ऑपरेटरों का सबसे अधिक कर्ज है। वहीं, प्लांट बंद होने से ऑपरेटरों के साथ बैंकिंग सेक्टर को भी अब यह चिंता सताने लगी है कि इस कर्ज की भरपाई कैसे होगी। हिमाचल प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक बिलासपुर के जिला प्रबंधक जगदीप सिंह ने बताया कि बैंक में ट्रक ऑपरेटरों का कितना कर्ज है, इसके आंकड़े इकट्ठे किए जा रहे हैं। कहा कि बैंक ने ट्रक ऑपरेटरों को दि बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर परिवहन सहकारी सभा के शपथ पत्र, ऑपरेटरों की निजी संपत्ति के आधार पर कर्ज दिया है। जल्द ही पूरे आंकड़े जुटाए जाएंगे कि किस शाखा से कितना कर्ज ऑपरेटरों ने लिया है।
अप्रैल से नवंबर तक एसीसी सीमेंट प्लांट ने किया 1,240 करोड़ का कारोबार
हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग को अदाणी समूह के एसीसी बरमाणा सीमेंट प्लांट ने नवंबर तक 1,240 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इसमें इंटिग्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स (आईजीएसटी) के रूप में नवंबर तक अदाणी समूह ने प्रदेश को 14,11,38,084 रुपये राजस्व के रूप में भुगतान किया है। आबकारी विभाग के अधिकारी नवनीत गुप्ता ने बताया कि एसीसी सीमेंट प्लांट से अधिकतर सीमेंट पंजाब राज्य को निर्यात किया जाता है। जबकि, हिमाचल में इस वित्तीय वर्ष में नवंबर तक एसीसी सीमेंट की सप्लाई बहुत कम हुई है। प्रदेश राजस्व को कंपनी से अलग-अलग हैंड से टैक्स आता है। इनमें सीजीसीआर के रूप में राजस्व विभाग को हर माह चार से पांच करोड़ प्राप्त होते हैं। इसमें सीमेंट और क्लींकर का कर लिया जाता है।
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