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मलबा हटाती मशीनरी।
– फोटो : संवाद
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पहाड़ी से टनों के हिसाब से मलबा आने से तरवाई पुल के पास तीसा-बैरागढ़ मार्ग दो घंटे तक बंद रहा। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। मार्ग बंद होने के कारण स्कूल-कॉलेज विद्यार्थी, नौकरीपेशा और जरूरी कार्य से जाने वाले लोग समय से नहीं पहुंच पाए। शनिवार सुबह 9:25 बजे पहाड़ी से भारी भूस्खलन हो गया। इससे दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। भंजराडू और बैरागढ़ की तरफ दोपहिया और चौपहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
मार्ग बंद होने से बैरागढ़ देवीकोठी, बौदेड़ी-मंगली क्षेत्र से सरकारी कार्यालयों में काम-काज के सिलसिले में निकले लोग गाड़ियों में ही मार्ग बहाल होने का इंतजार करते रहे। सुबह 11:25 बजे मार्ग बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। तीसा-बैरागढ़ मुख्य मार्ग पर तरवाई पुल के पास पहाड़ी की कटिंग का काम चल रहा है। बीच-बीच में पहाड़ी से पत्थर गिरने का क्रम जारी है।
इस मार्ग पर 11 अगस्त, 2023 को पहाड़ से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से तरवाई पुल के पास 6 पुलिस जवानों और टैक्सी चालक की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने पहाड़ को गिराने का निर्णय लिया था। अग्निशमन विभाग ने पानी की बौछार कर पहाड़ को गिराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब लोक निर्माण विभाग ने 75 मीटर लंबे और 60 मीटर ऊंचे पहाड़ को गिराने के लिए करीब 47 लाख रुपये के टेंडर किए हैं।
इसका कार्य शुरू हो चुका है। पहाड़ को गिराने के लिए मशीनरी के लिए 40 मीटर का रास्ता भी बनाया गया है। पहाड़ के एज पर कार्य चल रहा है। इस कारण पहाड़ से पत्थर गिरने का क्रम जारी है। शनिवार सुबह भी भूस्खलन के कारण वाहन चालकों, बसों में बैठी सवारियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को काफी परेशानियां पेश आईं।
लोगों में नरेश कुमार, प्रकाश चंद, दलीप कुमार, मनोहर लाल, रविंद्र कुमार, किशन चंद, दलीप कुमार, अशोक कुमार, नारायण सिंह और योगराज ने बताया कि सुबह 11 बजे के बाद और साढ़े 5 बजे के बाद ही पहाड़ी के कटाई का कार्य करवाया जाए। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजीव बिष्ट ने बताया कि कार्य करवा रहे ठेकेदार को लिखित में निर्देश जारी किए गए हैं कि सुबह साढ़े आठ बजे से साढ़े दस बजे के बाद और शाम को साढ़े चार से साढ़े पांच बजे तक कार्य को बंद रखा जाए।
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