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चंद्रग्रहण
– फोटो : iStock
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इस वर्ष मंदिरों और घरों में 28 अक्तूबर की जगह एक दिन पूर्व ही शरद पूर्णिमा मनाई गई। दरअसल, इस दिन साल का आखिरी चंद्रग्रहण होने से इस दिन सूतक काल रहेगा। इसलिए ठाकुरजी के खीर का भोग एक दिन पहले लगा दिया गया।
शनिवार यानी आज शरद पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण रात्रि 01:05 से आरंभ होगा लेकिन इसका सूतक सांय 04.00 बजे से ही आरंभ हो जाएगा। सूतक काल में मंदिरों कपाट भी बंद रहेंगे, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान व भजन कीर्तन किया जाएगा।
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