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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
– फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि सलूणी उपमंडल के भांदल पंचायत के संघणी गांव में हुई मनोहर लाल की हत्या के पांच दिन बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सदस्यों ने हत्यारोपियों के घर जलाए। हत्याकांड के मामले में भाजपा के प्रदर्शन पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शायद देश का पहला ऐसा मामला है, जिसमें सभी आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद शोरशराबा हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह प्रदर्शन पूरी तरह तर्कहीन है।
शनिवार को राजधानी शिमला के रिज मैदान पर आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद घटना के पांच दिन बाद भाजयुमो से जुड़े लोगों ने आरोपियों के घर आग की भेंट चढ़ा दिए। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने चौबीस घंटों के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी से मामले की जांच करवाने संबंधी भाजपा की मांग भी मानी, इसके बावजूद भाजपा का विरोध प्रदर्शन तर्कहीन है। केंद्र में सत्ता में होने के बावजूद भाजपा इस जांच को मुद्दा बना रही है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के लिए एक फोन कॉल पर एनआईए या सीबीआई की जांच शुरू करवाना कोई बड़ी बात नहीं है।
इससे प्रतीत हो रहा है कि इस घटना को राजनीतिक रंग देते हुए भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखते हुए ऐसी तरकीबें अपना रही है। सरकार ने बार-बार आश्वस्त किया है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी। सीएम ने कहा कि बेहतर यह होता कि भाजपा प्रदेश हित से जुड़े मामलों एवं हिमाचल के अधिकारों के लिए केंद्र के समक्ष आवाज उठाती, जिससे प्रदेशवासियों का भी भला होगा।
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देने के लिए आंदोलन में कांग्रेस पार्टी भी अपना पूर्ण सहयोग देगी। राज्य के हितों की रक्षा करने की दिशा में प्रदेश सरकार और विपक्ष की साझा जिम्मेदारी पर बल देते हुए उन्होंने जल उपकर व विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं में निशुल्क बिजली की रॉयल्टी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भाजपा को प्रदेश सरकार का साथ देने का परामर्श भी दिया।
पांच-पांच लोगों को जाने के लिए कहा, लेकिन भाजपाई नहीं माने
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जिला प्रशासन ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल को धारा 144 का हवाला देते हुए पांच-पांच लोगों को पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जाने को कहा, लेकिन वे नहीं माने।
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