CM Sukhvinder Sukhu: अधिकारियों को आईटी पार्क का आकार 250 से बढ़ाकर 1,000 कनाल करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
– फोटो : अमर उजाला

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि जिला कांगड़ा की पालमपुर तहसील के गांव राख-नगरी में सूचना प्रौद्योगिकी पार्क स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हवाई सेवा और जलवायु की दृष्टि से सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित उद्योगों के लिए उपयुक्त है। इस परियोजना की कुल लागत 35 करोड़ रुपये है। सुक्खू ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को पार्क का आकार 250 कनाल से बढ़ाकर कम से कम 1,000 कनाल करने के निर्देश दिए हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को विस्तार प्रदान कर स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।

उन्होंने इन परियोजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने और हिमाचल को देश का सर्वोत्तम निवेशक अनुकूल राज्य बनाने के लिए निवेश उन्मुखी नीतियां बनाने के निर्देश भी दिए। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति को चिह्नित स्थानों का दौरा करने और आईटी पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी कहा है। इस आईटी पार्क में सूचना प्रौद्योगिकी और इससे संबंधित क्षेत्रों में प्रदेश के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राकेश प्रजापति ने कहा कि आईटी पार्क सूक्ष्म और लघु उद्योगों के विकास में उत्प्रेरक का कार्य करेगा और नए युग के आईटी स्टार्टअप को गति प्रदान करेगा।

यह राज्य में युवा उद्यमियों को देश के आईटी समूह का हिस्सा बनने और राज्य का सामाजिक और आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के लिए स्वीकृत दो अन्य परियोजनाओं के तहत भूड और बद्दी को नए औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर और बिलासपुर जिले में खाद्य आपूर्ति के भंडारण के लिए दो नए गोदाम विकसित करने के साथ प्रदेश भर के गोदामों का रखरखाव किया जा रहा है। 

हिमाचल को केंद्र से 42 करोड़ रुपये की मिली मदद  
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला में बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से हिमाचल को पीएम गति शक्ति योजना के तहत राज्यों को वर्ष 2022-23 में पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के अंतर्गत 42 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दी गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्रीय सहायता के लिए 84 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं को स्वीकृति के लिए भेजा था। वित्त मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी ने 42 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि जिला कांगड़ा की पालमपुर तहसील के गांव राख-नगरी में सूचना प्रौद्योगिकी पार्क स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हवाई सेवा और जलवायु की दृष्टि से सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित उद्योगों के लिए उपयुक्त है। इस परियोजना की कुल लागत 35 करोड़ रुपये है। सुक्खू ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को पार्क का आकार 250 कनाल से बढ़ाकर कम से कम 1,000 कनाल करने के निर्देश दिए हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को विस्तार प्रदान कर स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।

उन्होंने इन परियोजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने और हिमाचल को देश का सर्वोत्तम निवेशक अनुकूल राज्य बनाने के लिए निवेश उन्मुखी नीतियां बनाने के निर्देश भी दिए। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति को चिह्नित स्थानों का दौरा करने और आईटी पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी कहा है। इस आईटी पार्क में सूचना प्रौद्योगिकी और इससे संबंधित क्षेत्रों में प्रदेश के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राकेश प्रजापति ने कहा कि आईटी पार्क सूक्ष्म और लघु उद्योगों के विकास में उत्प्रेरक का कार्य करेगा और नए युग के आईटी स्टार्टअप को गति प्रदान करेगा।

यह राज्य में युवा उद्यमियों को देश के आईटी समूह का हिस्सा बनने और राज्य का सामाजिक और आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के लिए स्वीकृत दो अन्य परियोजनाओं के तहत भूड और बद्दी को नए औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर और बिलासपुर जिले में खाद्य आपूर्ति के भंडारण के लिए दो नए गोदाम विकसित करने के साथ प्रदेश भर के गोदामों का रखरखाव किया जा रहा है। 

हिमाचल को केंद्र से 42 करोड़ रुपये की मिली मदद  

सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला में बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से हिमाचल को पीएम गति शक्ति योजना के तहत राज्यों को वर्ष 2022-23 में पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के अंतर्गत 42 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दी गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्रीय सहायता के लिए 84 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं को स्वीकृति के लिए भेजा था। वित्त मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी ने 42 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 



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