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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी के जिलाध्यक्षों व ब्लॉक अध्यक्षों से कांग्रेस सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर धर्मशाला में 11 दिसंबर को होने वाले समारोह को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार का एक साल का यह कार्यकाल चुनौतियों भरा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार ने इन चुनौतियों पर सफलतापूर्वक पार पाया है। वह कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में हुई जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की बैठक को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में मंत्री विक्रमादित्य बैठक में मौजूद रहे।
प्रतिभा सिंह ने कहा कि इस बैठक में मुख्यमंत्री को आना था, लेकिन उन्हें तेलंगाना जाना पड़ा। मुख्यमंत्री ने उन्हें फोन कर कहा कि संगठन के लोगों को उनकी ओर से न्योता दिया जाए। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि अब लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियां शुरू करने का समय आ गया है। सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल की जरूरत है। किसी की बात की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। संगठन के लोगों को सरकार में मान-सम्मान मिलना चाहिए। वह जल्द ही सभी जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू व प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला के साथ भी बैठक की जाएगी। प्रतिभा सिंह ने कहा कि संगठन के लोगों का दर्द समझना होगा। जिन लोगों ने पार्टी के लिए दिन-रात काम किया है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाई है, उन्हें सरकार में पद देना होगा। कांग्रेस महासचिव संगठन रजनीश किमटा ने कहा कि समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी के सभी पदाधिकारियों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। कुछ नेताओं ने सम्मान नहीं मिलने का उठाया मामलापार्टी सूत्रों ने बताया कि बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने सरकार में उचित मान-सम्मान नहीं मिलने का मामला उठाया। जिला शिकायत निवारण कमेटियों में भी शामिल नहीं किए जाने पर रोष जताया। कुछ नेताओं ने कहा कि हमें छोटे-छोटे कामों के लिए भी कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
निष्क्रिय पदाधिकारियों से की पद छोड़ने की अपील
शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक के दौरान निष्क्रिय पदाधिकारियों से पद छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसी जंबो कार्यकारिणी का कोई लाभ नहीं, जो संगठन के प्रति निष्ठावान नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई पदाधिकारी सक्रिय तौर पर संगठन को समय नहीं दे सकता है तो उसे खुद ही पद छोड़ देना चाहिए। । ब्यूरो
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