Dalai Lama Sikkim Visit: धर्मगुरु दलाईलामा के सिक्किम दौरे से पहले हलचल, ड्रैगन पर नजर

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Himachal: Stir before Dalai Lama's visit to Sikkim, an eye on the dragon

धर्मगुरु दलाईलामा
– फोटो : अमर उजाला

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भारत और चीन के बीच चल रहे रहे सीमा विवाद के बीच सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने गुरुवार सुबह मुख्य सचिव सहित सरकार के बड़े अफसरों के साथ धर्मगुरु दलाईलामा से मुलाकात की। दलाईलामा के सिक्किम दौरे से पहले इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। दलाईलामा के सिक्किम दौरे से पहले हो रही इस हलचल को लेकर चीन कोई प्रतिक्रिया देगा या नहीं, यह देखना दिलचस्प रहेगा। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और उनके अफसर दलाईलामा के साथ मुलाकात करने के बाद एक दिन धर्मशाला में ही बिताएंगे। धर्मगुरु दलाईलामा भारत-चीन सीमा पर पहाड़ों में बसे पूर्वोत्तर सीमावर्ती राज्य सिक्किम की 10 से 14 अक्टूबर तक सातवीं यात्रा करेंगे। धर्मगुरु दलाईलामा की यह महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जुलाई को फोन पर 10 से 15 मिनट तक बात करके दलाईलामा को जन्मदिन की बधाई दी थी। इसके एक दिन बाद ही 8 जुलाई को दलाईलामा दिल्ली और लेह लद्दाख के दौरे पर चले गए थे। दौरे पर जाने से पहले दलाईलामा ने कहा था कि चीन सरकार उनसे बात करना चाहती है। वह भी बात करने को तैयार हैं। इससे पहले अप्रैल में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और सिक्किम के सीएम प्रेम सिंह तमांग दिल्ली में दलाईलामा से मिले थे। दोनों मुख्यमंत्रियों ने दलाईलामा को अक्तूबर और नवंबर माह में अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में आने न्योता दिया था। अब दलाईलामा अगले माह सिक्किम दौरे पर जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद दलाईलामा अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर जा सकते हैं।

13 साल बाद सिक्किम जाएंगे दलाईलामा

दलाईलामा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार धर्मगुरु ने आखिरी बार वर्ष 2010 में सिक्किम की यात्रा की थी। यानी 13 वर्ष बाद दलाईलामा सिक्किम की यात्रा करेंगे। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग 20 अप्रैल को दिल्ली में दलाईलामा से मिले थे। उस वक्त सीएम ने दलाईलामा को सिक्किम आने का निमंत्रण दिया था जिसे धर्मगुरु ने स्वीकार किया था। सिक्किम के सीएम ने तमांग ने बच्चे की जीब चूसने के विवाद के मामले में सबसे पहले धर्मगुरु दलाईलामा का पक्ष लिया था। तमांग ने इस विवाद को निराशाजनक बताया था।

भारत ने सिक्किम की सीमा पर लिया था चीन से 1962 का बदला

वर्ष 2003 से पहले चीन सिक्किम को भारत का हिस्सा नहीं मानता था। 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने तिब्बत को चीन का हिस्सा माना था तो चीन ने सिक्किम को भारत का हिस्सा। 1962 में चीन से युद्ध हारने के बाद 1967 में सिक्किम में भारत और चीन की सेनाओं के बीच टकराव हुआ था। इसमें चीन सेना के 340 सैनिकों की मौत हुई थी। वर्ष 2020 में भी सिक्किम के नाकु ला में लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन और भारत के सैनिकों के बीच तनातनी हुई थी।

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