Darbhanga: बाढ़ग्रसित क्षेत्रों में लोगों की परेशानी बढ़ी, बीमार को खटिया पर लादकर इलाज कराने को मजबूर ग्रामीण

[ad_1]

Darbhanga problems increased in the flood area villagers forced to get treatment by loading the sick on

बाढ़ग्रसित इलाकों में बीमार को खटिया पर ले जाने को मजबूर ग्रामीण
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बिहार के दरभंगा के कुशेश्वरस्थान में  कमला-बलान नदी के पश्चिमी तटबंध के पूर्वी हिस्से में जल स्तर बढ़ गया है। जिसमें अवस्थित प्रखंड के छह पंचायत  इलाके में कोसी और करेह नदी के जलस्तर बढ़ने से पांच पंचायत के लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।

सबसे ज्यादा लोगों को आने-जाने के लिए नाव ही सहारा है। सड़क मार्ग पर पानी चढ़ने से यातायात पूरी तरीके से ठप है। कुशेस्वरस्थान प्रखंड के सिमरटोका पंचायत के उजुआ गांव स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। इस इलाके के लोगों खाने-पीने की चीजों से लेकर पशुओं के चारा के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। बाढ़ ग्रस्त इलाके में बीमार पड़े लोगो का इलाज कराना मुस्किल हो रहा हैं। इलाके में बीमारों को खटिया पर लादकर इलाज कराने लिए अस्पताल ले जाने को मजबूर है। इलाके में खटिया का इस्तेमाल किया जा रहा है, क्योंकि गांव के चारो तरफ बाढ़ का पानी होने से एंबुलेंस या कोई भी दूसरी सवारी गाड़ी गांव तक नही पहुंच पाता है। ऐसे में जब गांव की गर्भवती महिला बीमार हो गई, तो चार लोग खटिया को कंधे के सहारे कुशेश्वरस्थान बाजार में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाते है। इलाज के बाद फिर से खटिया में उठा कर नाव से घर लाते है। स्वास्थ्य केंद्र भी छोटा है जहां मरीज को भर्ती भी नहीं किया जाता है।

ग्रामीण नवीन कुमार बताते है कि इस बार बाढ़ ने दूसरी बार हमारे गांव को अपनी चपेट में ले लिया है। पहली बाद तो तीन चार दिन में पानी गांव से निकल गया था लेकिन इस पानी बहुत ज्यादा आ गया है। पानी घटने की रफ्तार काफी धीमी है। जिस कारण ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है। इस सरकार की ओर से भी कोई खास ध्यान यहां के बाढ़ पीड़ितों नही दिया है।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *