Dehradun: क्या मुकेश सिंघल ने खुद किया अपना प्रमोशन, पत्रावली चलाई और वेतन भी बढ़ा लिया, जानें पूरा मामला

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मीटिंग ( प्रतीकात्मक)

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– फोटो : अमर उजाला

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विधानसभा के पूर्व सचिव मुकेश सिंघल ने क्या खुद अपना प्रमोशन किया, पत्रावली चलाई और खुद का वेतन बढ़ा लिया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेंद्र रमोला ने मामले में तमाम सवाल उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की है। 

कहा, जब सिंघल का प्रमोशन गलत तरीके व नियम विरुद्ध हुआ तो प्रमोशन को वापस कर पुन: नियुक्ति क्यों दी गई। उन्होंने अपने कार्यकाल में जो सचिव स्तर का पे स्केल लिया, उससे राज्य सरकार को जो हानि हुई है, उसकी भरपाई कौन करेगा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि विस अध्यक्ष सचिव मुकेश सिंघल को दो पद रिवर्ट का आदेश देकर अपनी व सरकार की पीठ थपथपाने का काम कर रही हैं।

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कहा, अब साफ हो गया है कि सिंघल गलत तरीके से पदोन्नति पाकर सचिव बने थे, ऐसे में उस दौरान उनकी ओर से यदि कोई असंवैधानिक निर्णय लिए गए हैं, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। कहा, जब गलत तरीके से प्रमोशन पाने वाला दोषी है, तो गलत तरीके से प्रमोशन देने वाले पूर्व विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी उतने ही दोषी हैं। उन्होंने सीएम और विस अध्यक्ष से मांग की कि पूर्व में सिंघल ने जो अधिक वेतन लिया, उसकी भरपाई कराई जाए और गलत तरीके से प्रमोशन देने वालों को भी कार्रवाई के दायरे में लाया जाए।

विस्तार

विधानसभा के पूर्व सचिव मुकेश सिंघल ने क्या खुद अपना प्रमोशन किया, पत्रावली चलाई और खुद का वेतन बढ़ा लिया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेंद्र रमोला ने मामले में तमाम सवाल उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की है। 

कहा, जब सिंघल का प्रमोशन गलत तरीके व नियम विरुद्ध हुआ तो प्रमोशन को वापस कर पुन: नियुक्ति क्यों दी गई। उन्होंने अपने कार्यकाल में जो सचिव स्तर का पे स्केल लिया, उससे राज्य सरकार को जो हानि हुई है, उसकी भरपाई कौन करेगा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि विस अध्यक्ष सचिव मुकेश सिंघल को दो पद रिवर्ट का आदेश देकर अपनी व सरकार की पीठ थपथपाने का काम कर रही हैं।

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कहा, अब साफ हो गया है कि सिंघल गलत तरीके से पदोन्नति पाकर सचिव बने थे, ऐसे में उस दौरान उनकी ओर से यदि कोई असंवैधानिक निर्णय लिए गए हैं, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। कहा, जब गलत तरीके से प्रमोशन पाने वाला दोषी है, तो गलत तरीके से प्रमोशन देने वाले पूर्व विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी उतने ही दोषी हैं। उन्होंने सीएम और विस अध्यक्ष से मांग की कि पूर्व में सिंघल ने जो अधिक वेतन लिया, उसकी भरपाई कराई जाए और गलत तरीके से प्रमोशन देने वालों को भी कार्रवाई के दायरे में लाया जाए।



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