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स्क्रब टाइफस(सांकेतिक)
– फोटो : अमर उजाला
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डेंगू के साथ चिकनगुनिया और स्क्रब टायफस भी मरीजों को परेशान कर रहा है। दून अस्पताल में स्क्रब टायफस और निजी अस्पताल में चिकनगुनिया का मरीज मिल चुका है। हालांकिए स्वास्थ्य विभाग ने इन मामलों को रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया है।
दून अस्पताल के एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में एक से दो फीसदी मरीज चिकनगुनिया और स्क्रब टायफस के आ रहे हैं। सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. नारायण जीत सिंह ने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया और स्क्रब टायफस तीनों अलग हैं। जिस तरह से डेंगू में प्लेटलेट्स कम होती हैं, वैसे चिकनगुनिया या स्क्रब टायफस में प्लेटलेट्स कम नहीं होती हैं।
चिकनगुनिया में तेज बुखार आता है। बुखार के बाद लंबे समय तक जोड़ों का दर्द परेशान करता है। वहीं, स्क्रब टायफस में मरीज को बुखार के साथ ही लिवर, किडनी और ब्रेन पर प्रभाव पड़ता है। चिकनगुनिया और डेंगू अगर एक मरीज में एक साथ आता है तब भी इलाज एक तरह से ही दिया जाएगा। अगले कुछ दिनों में इन तीनों बीमारियों के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।
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