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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया
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सितारगंज नगर पालिका में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की जांच रिपोर्ट शासन को मिलने के बाद अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। शासन स्तर पर इस जांच रिपोर्ट का अध्ययन शुरू कर दिया गया है।
दरअसल, सितारगंज नगर पालिका में वित्तीय गड़बड़ियों की जांच शहरी विकास निदेशालय को मिली थी। शहरी विकास निदेशक नितिन भदौरिया ने इसकी जांच बैठाई थी। जांच में ये बात सामने आई कि नगर पालिका ने करीब सवा दो करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट निर्धारित से अधिक कीमत पर नियम विरुद्ध खरीद ली।
जांच समिति ने पाया कि निर्माण कार्यों के जो टेंडर किए गए, उनमें काफी संख्या में ऐसे थे, जिनकी तकनीकी स्वीकृति नहीं ली गई। डस्टबिन खरीद में भी वित्तीय नियमों की अवहेलना की गई है। पालिकाध्यक्ष और अफसरों की भूमिका को निदेशालय ने संदिग्ध मानते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी थी। अब शासन स्तर पर अध्ययन किया जा रहा है। बताया जा रहा कि पालिकाध्यक्ष समेत अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
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मंगलौर नगर पालिकाध्यक्ष ने मांगा था समय
मंगलौर नगर पालिका में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आया था। निदेशालय की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने नगर पालिकाध्यक्ष समेत पूर्व के अधिशासी अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया था। अब मंगलौर के नगर पालिकाध्यक्ष ने मामले में समय मांगा है। उनका जवाब आने के बाद इस मामले में भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
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