Dehradun: बिजली परियोजनाओं के लिए पीएमओ से गुहार, जल शक्ति मंत्रालय ने लगाया हुआ है अड़ंगा

[ad_1]

बिजली परियोजना

बिजली परियोजना
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

प्रदेश की अलकनंदा नदी और उसकी सहायक नदियों पर दस जल विद्युत परियोजनाओं को हरी झंडी के लिए अब सरकार ने पीएमओ से गुहार लगाई है। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने इस बाबत एक पत्र पीएमओ को भेजा है, जिसके तहत जल्द संयुक्त बैठक बुलाने की मांग की गई है।

दरअसल, अलकनंदा व सहायक नदियों पर 24 प्रोजेक्ट बनाने का प्रस्ताव है। इन पर रोक लगी हुई थी लेकिन पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्यावरण मंत्रालय ने एक विशेषज्ञ समिति बनाई थी। इसमें पर्यावरण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, यूजेवीएनएल सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल थे। इस समिति ने 24 में से 10 प्रोजेक्ट को बनाने योग्य पाया था।

पर्यावरण मंत्रालय ने इस आधार पर हरी झंडी दे दी थी लेकिन जल शक्ति मंत्रालय ने नमामि गंगे के चलते इसमें अड़ंगा लगा दिया। जल शक्ति मंत्रालय इस पक्ष में नहीं है कि अलकनंदा व सहायक नदियों पर जल विद्युत परियोजनाएं बनाई जाएं। इसके बाद सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है। 

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने पीएमओ को एक पत्र भेजा है, जिसमें मांग की गई है कि अलकनंदा नदी की परियोजनाओं को लेकर पर्यावरण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के साथ संयुक्त बैठक बुलाई जाए। इस बैठक का मकसद है कि 10 जल विद्युत परियोजनाओं का रास्ता साफ हो जाए। इन परियोजनाओं से प्रदेश में 1352 मेगावाट बिजली उत्पादन होना है।

इन परियोजनाओं को पीएमओ से राहत का इंतजार
परियोजना का नाम – नदी का नाम – क्षमता (मेगावाट) – किसका प्रोजेक्ट
लता तपोवन – धौली गंगा – 171- एनटीपीसी
कोटलीभेल 1ए – भगीरथी – 195- एनएचपीसी
तमकलता – धौली गंगा – 190- यूजेवीएनएल
अलकनंदा – अलकनंदा – 300- जीएमआर
कोटलीभेज 1बी – अलकनंदा – 320- एनएचपीसी
भ्यूंदर गंगा – भ्यूंदर गंगा – 24.3 – सुपर
खिराओगंगा – खिराओगंगा – 04 – सुपर
झालाकोटि – धरम गंगा – 12.5 – गुनसोला हाइड्रो
उर्गम-2 – कल्पगंगा – 7.5 – यूजेवीएनएल
जेलम तमक – धौलीगंगा – 128 – टीएचडीसी 
(इनमें नौ प्रोजेक्ट अलकनंदा और सहायक नदियों पर बनने हैं)

ये भी पढ़ें…Uttarakhand: पूर्व सीएम हरीश रावत निकालेंगे भारत जोड़ो हरिद्वार जिंदाबाद यात्रा, पोस्टर किए जारी

अलकनंदा की दस परियोजनाओं पर संयुक्त बैठक के लिए मुख्य सचिव की ओर से पीएमओ को पत्र भेजा गया है। पीएमओ में हमारे अधिकारी मंगेश घिल्डियाल इसे देख रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बैठक की तिथि तय हो जाएगी। – आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव ऊर्जा  

विस्तार

प्रदेश की अलकनंदा नदी और उसकी सहायक नदियों पर दस जल विद्युत परियोजनाओं को हरी झंडी के लिए अब सरकार ने पीएमओ से गुहार लगाई है। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने इस बाबत एक पत्र पीएमओ को भेजा है, जिसके तहत जल्द संयुक्त बैठक बुलाने की मांग की गई है।

दरअसल, अलकनंदा व सहायक नदियों पर 24 प्रोजेक्ट बनाने का प्रस्ताव है। इन पर रोक लगी हुई थी लेकिन पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्यावरण मंत्रालय ने एक विशेषज्ञ समिति बनाई थी। इसमें पर्यावरण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, यूजेवीएनएल सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल थे। इस समिति ने 24 में से 10 प्रोजेक्ट को बनाने योग्य पाया था।

पर्यावरण मंत्रालय ने इस आधार पर हरी झंडी दे दी थी लेकिन जल शक्ति मंत्रालय ने नमामि गंगे के चलते इसमें अड़ंगा लगा दिया। जल शक्ति मंत्रालय इस पक्ष में नहीं है कि अलकनंदा व सहायक नदियों पर जल विद्युत परियोजनाएं बनाई जाएं। इसके बाद सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है। 

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने पीएमओ को एक पत्र भेजा है, जिसमें मांग की गई है कि अलकनंदा नदी की परियोजनाओं को लेकर पर्यावरण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के साथ संयुक्त बैठक बुलाई जाए। इस बैठक का मकसद है कि 10 जल विद्युत परियोजनाओं का रास्ता साफ हो जाए। इन परियोजनाओं से प्रदेश में 1352 मेगावाट बिजली उत्पादन होना है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *