Dehradun: राजधानी के कोने-कोने पर बन गए नशा तस्करों के हॉट स्पॉट, गांव और नदियों के किनारे बन रहे अड्डे

[ad_1]

Dehradun News drug smuggler Hotspots in every Corner

नशा तस्करी
– फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार


बीते दो दशक में नशा तस्करों ने राजधानी के कोने कोने में बड़े हॉट स्पॉट बना लिए हैं। पुलिस की नजरों से बचकर इन क्षेत्रों में तस्कर अपने इस काले धंधे को पंख लगा रहे है। शिक्षण संस्थानों के नजदीक भीड़भाड़ वाले इलाके इनके लिए ज्यादा मुफीद है। यह इनके लिए बाजार से कम नहीं हैं। यहीं पर तस्करों के ग्राहकों की बड़ी संख्या भी होती है। हालाकि, बीते कुछ सालों में इन हॉटस्पॉट पर पुलिस की सख्ती बढ़ी है, लेकिन अभी यहां इस नेटवर्क को तोड़ने के बड़ी योजना पर काम किया जाना बाकी है।

बाजार के रूप में होते हैं शिक्षण संस्थानों वाले क्षेत्र

दो दशकों में प्रेमनगर और इसके आसपास के क्षेत्र में बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान खुले। इनमें देश विदेश के छात्र पढ़ने आते हैं। इनकी रिहायश भी इसी क्षेत्र में हॉस्टलों, पीजी और घरों में होती है। यही सबसे बड़ा बाजार है नशा तस्करों के लिए। रोजाना छोटे छोटे पैडलर इस क्षेत्र में सप्लाई के लिए आते है। पुलिस के हत्थे चढ़ने वाले तस्कर भी इसी जगह का जिक्र करते हैं। इस इलाके में चरस, स्मैक से लेकर हीरोइन और नशीली गोलियां और इंजेक्शन समय-समय पर पकड़े जाते हैं। बाहर से आकर रहने वाले छात्र धीरे धीरे इस मीठे जहर की चपेट में आकर अपना भविष्य संवारने के बजाय अंधकार में डाल रहे हैं।

Budget 2024: मोदी सरकार के बजट में बढ़ी केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी, उत्तराखंड को होंगे ये फायदे

ये हैं बड़े हॉटस्पॉट

बिंदाल नदी 

बिंदाल नदी के किनारे बहुत सी बस्तियां हैं। इन बस्तियों का नाम पहले शराब तस्करी में भी बदनाम हुआ है। लेकिन, समय के साथ इस क्षेत्र की कुछ बस्तियां मीठे जहर यानी ड्रग्स और अन्य नशे के धंधे का हॉट स्पॉट भी बनी हैं। पुलिस के लिए शहर के बीचोंबीच वाला इलाका बड़ी चुनौती बना हुआ है।

सपेरा बस्ती रायपुर

हाल के चार महीनों के भीतर पुलिस इस बस्ती में बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। इस बस्ती में अब महिलाओं को भी इस धंधे में लगाया जा रहा है। राज्य स्तरीय एएनटीएफ ने भी बीते कुछ दिनों में यहां से दो महिलाओं को चरस के साथ गिरफ्तार किया था। इससे पहले रायपुर पुलिस भी महिलाओं को चरस के साथ पकड़ चुकी है।

रिस्पना नदी की कुछ बस्तियां

रिस्पना नदी किनारे भी कई झुग्गी वाली बस्तियों में भी इस धंधे की जड़ों को पानी मिल रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस क्षेत्र के कई लोग भांग, अफीम से लेकर अब ड्रग्स की तस्करी में भी लिप्त हो चुके हैं। बीते एक साल से जिला एएनटीएफ इस क्षेत्र की निगरानी कर रही है।

शिमला बायपास के कई गांव

पुलिस सूत्रों के अनुसार शिमला बायपास और ट्रांसपोर्ट नगर भी इन दिनों हॉट स्पॉट बने हुए हैं। ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में कई लोगों को ड्रग्स के साथ समय पर पकड़ा गया है। शिमला बायपास स्थित एक गांव से कई युवक बिधौली और इसके आसपास के इलाकों में रोजाना तस्करी के लिए जाते हैं। इनमें से कई को पकड़ा भी जा चुका है।

मुख्यमंत्री के विजन ड्रग फ्री उत्तराखंड को पूरा करने के लिए देहरादून पुलिस लगातार काम कर रही है। हर उस जगह पर कार्रवाई की जाती है, जहां से पुलिस को सूचना मिलती है। पुराने नशा तस्करों की निगरानी की जा रही है। जिन क्षेत्रों में नशा पहले पकड़ा जा चुका है, वहां की भी निगरानी की जाती है। अभी 90 आदतन नशा तस्करों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है।

-अजय सिंह, एसएसपी देहरादूनI

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *