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Dehradun: शहीद बेटे का पार्थिव शरीर देख बिलख पड़े परिजन, खानदान के इकलौते चिराग थे टीकम, तस्वीरें
उन्होंने बेटे के शहीद होने पर आईटीबीपी के अधिकारियों के समक्ष नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जवाब चाहिए कि आखिर बेटा कैसे शहीद हुआ। बिलखते हुए बोली उनके खानदान की तीन पीढ़ी फौज में रही। इस दौरान हर किसी की आंखें भर आईं। परिजनों और लोगों ने किसी तरह मां मनोरमा नेगी को ढांढस बंधाई।
बूढ़ी दादी मकानी देवी भी पोते के ताबूत को देख बिलख पड़ी। इस दौरान कई बार उन्होंने बेटे को सैल्यूट किया। इस दौरान पत्नी को ढांढस बंधाते हुए शहीद के पिता राजेंद्र सिंह नेगी बोले कि हम रोकर बेटे की शहादत को कम क्यों करें।
शहीद के पिता राजेंद्र सिंह नेगी मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के सौराखाला गांव के निवासी थे। वर्षों पूर्व उनके पिता सहसपुर विकासखंड के राजावाला गांव में आकर बस गए थे। टीकम सिंह नेगी अपने खानदान के इकलौते चिराग थे।
उनकी एक छोटी बहन माधुरी है, जिसका विवाह हो चुका है। टीकम के दादा और पिता भी परिवार के इकलौते चिराग थे। वहीं शहीद टीकम का भी एक ही बेटा है। टीकम के शहीद होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।
टीकम सिंह नेगी के दादा स्वर्गीय सुंदर सिंह नेगी फौज में थे। वे हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पिता राजेंद्र सिंह नेगी भी फौज में रहे। वे सूबेदार मेजर के पद से रिटायर्ड हुए थे। यही वजह थी कि शहीद टीकम सिंह नेगी में भी वर्दी को लेकर जुनून था।
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