Dehradun: हाउस टैक्स को सर्किल रेट से जोड़ने की योजना फाइलों में कैद, योजना पर मुहर लेकिन नहीं बन पाई नियमावली

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– फोटो : amar ujala

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प्रदेश में हाउस टैक्स को सर्किल रेट से जोड़ने की योजना दो साल से फाइलों में कैद है। शहरी विकास निदेशालय दो बार नियमावली का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज चुका लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने जा रहा है, जिसमें इस बार भी पुरानी पद्धति से ही निकायों में टैक्स लगाए जाएंगे।

फरवरी 2021 में हाउस टैक्स को सर्किल रेट से जोड़ने के अध्यादेश को राजभवन ने मंजूरी दी थी। इसके बाद शहरी विकास निदेशालय ने इसकी नियमावली तैयार की थी, लेकिन यह नियमावली केवल हिंदी में थी। मामले में शहरी विकास निदेशालय ने दोबारा हिंदी के साथ ही अंग्रेजी में भी नियमावली बनाकर शासन को भेजी थी। शासन स्तर पर इसका अध्ययन करने के बाद कैबिनेट बैठक में इस पर निर्णय लिया जाना था। अपर मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन ने बताया कि इसकी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही नियमावली कैबिनेट में जाएगी।

ऐसे होनी है हाउस टैक्स की गणना

अभी तक कारपेट एरिया के हिसाब से हाउस टैक्स की गणना होती थी, लेकिन अब नया कानून आने के बाद इसकी कैलकुलेशन का तरीका बदल जाएगा। जिस क्षेत्र में जो भी सर्किल रेट होगा, उसका 0.1 प्रतिशत से एक प्रतिशत तक हाउस टैक्स होगा। मसलन, अगर कहीं सर्किल रेट के हिसाब से किसी प्रॉपर्टी की कीमत एक करोड़ रुपये है तो उसका टैक्स 0.1 प्रतिशत यानी 10 हजार रुपये से लेकर एक प्रतिशत यानी एक लाख रुपये तक होगा।

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पुराने टैक्स वालों का क्या होगा

अगर सर्किल रेट की कैलकुलेशन के बाद किसी का पुराना टैक्स एक प्रतिशत से अधिक यानी एक लाख रुपये से ज्यादा बैठ रहा है तो उसे पुराना टैक्स ही देना होगा। अगर किसी का टैक्स पहले कम था और सर्किल रेट के आधार पर ज्यादा बन रहा है तो उसी हिसाब से नई दरों पर टैक्स जमा कराना होगा। अगले पांच वर्षों में इसमें पांच प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी नहीं की जा सकेगी।

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