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झंडे जी पर शीश नवाने के लिए देश-विदेश से संगतें पहुंची थी। उत्तराखंड के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित विदेशों से आई संगतें झंडे जी आरोहण की साक्षी बनी। श्री दरबार साहिब में श्रद्धालु भजन-कीर्तन के साथ ही गुरु महिमा का गुणगान करते रहे। श्रद्धालुओं ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया।
झंडे जी आरोहण का लाइव आकर्षण देखने के लिए श्री दरबार साहिब मेला समिति की ओर से इस बार एलईडी स्क्रीनों की व्यवस्था की गई थी। दरबार साहिब परिसर के अंदर स्क्रीन लगाई गई थी। इसके अलावा यूट्यूब व फेसबुक पेज पर भी मेले का लाइव प्रसारण प्रसारित हुआ। दरबार साहिब व झंडे जी के सामने का पूरा हिस्सा संगतों से पूरी तरह भरा रहा।
श्रद्धालुओं ने दरबार साहिब स्थित पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई। सुबह से ही श्रद्धालु यहां स्नान कर रहे थे। दोपहर बाद सरोवर के चारों तरफ संगतों के जुटने से यहां का नजारा भी दर्शनीय लगने लगा। साथ ही बच्चों ने भी सरोवर के स्नान का आनन्द उठाया।
बता दें कि पंजाब में जन्मे गुरु राम राय महाराज के जन्म उत्सव के तौर पर शुरू हुआ यह मेला आज भारत ही नहीं बल्कि एशिया के बड़े मेलों में शुमार है। कहा जाता है कि गुरु रामराय महाराज ने यहां डेरा डाला था।
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