Dehradun News: अब खाली जमीनों को लीज पर देगा परिवहन निगम, करोड़ों की संपत्ति का हुआ चिह्नीकरण

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– फोटो : i stock

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खाली पड़ी जमीनों को अब किराए पर देकर परिवहन निगम कमाई बढ़ाएगा। इसकी शुरुआत हो चुकी है। निगम का अनुमान है कि इससे सालाना कई करोड़ रुपये का राजस्व बढ़ जाएगा। परिवहन निगम प्रबंधन ने देहरादून में द्रोण होटल के निकट स्थित पुराने बस अड्डे की जमीन को लीज पर देने के लिए टेंडर जारी कर दिया है।

यह लीज 90 साल की होगी। इस भूमि पर लीजधारक कोई भी कॉमर्शियल बिजनेस बिल्डिंग, ग्रुप हाउसिंग, होम स्टे, पेट्रोल पंप, रिटेल बिल्डिंग, इंस्टीट्यूट, एजुकेशनल बिल्डिंग आदि चला सकता है। परिवहन निगम प्रबंधन के मुताबिक, यह लीज सशर्त 90 साल की होगी, जिसमें शर्तों का अनुपालन न करने पर लीज निरस्त भी हो सकती है। हालांकि इससे पहले भी एक बार इस भूमि को लीज पर देने की प्रक्रिया चली थी जो कि धरातल पर नहीं उतर पाई थी।

उधर, हरिद्वार में परिवहन निगम का बस अड्डा तैयार हो रहा है। इसके एक फ्लोर को भी परिवहन निगम किराए पर देने जा रहा है। सिडकुल की मदद से यहां सभी कॉमर्शियल एक्टिविटीज हो सकती हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी जहां परिवहन निगम की जमीनों का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है, उन्हें कॉमर्शियल इस्तेमाल में लाया जाएगा।

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करोड़ों की संपत्ति का हुआ है चिह्नीकरण
उत्तराखंड परिवहन निगम की प्रदेश में करोड़ों रुपये की संपत्तियां हैं। लंबे समय से इनका सर्वे न होने की वजह से इनके असल उपयोग का पता नहीं चल पा रहा था। पिछले दिनों परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निर्देशों पर निगम ने सभी संपत्तियों का सर्वेक्षण कराया था। इसके बाद से इन संपत्तियों के सही इस्तेमाल की राह तलाश की जा रही है।

विस्तार

खाली पड़ी जमीनों को अब किराए पर देकर परिवहन निगम कमाई बढ़ाएगा। इसकी शुरुआत हो चुकी है। निगम का अनुमान है कि इससे सालाना कई करोड़ रुपये का राजस्व बढ़ जाएगा। परिवहन निगम प्रबंधन ने देहरादून में द्रोण होटल के निकट स्थित पुराने बस अड्डे की जमीन को लीज पर देने के लिए टेंडर जारी कर दिया है।

यह लीज 90 साल की होगी। इस भूमि पर लीजधारक कोई भी कॉमर्शियल बिजनेस बिल्डिंग, ग्रुप हाउसिंग, होम स्टे, पेट्रोल पंप, रिटेल बिल्डिंग, इंस्टीट्यूट, एजुकेशनल बिल्डिंग आदि चला सकता है। परिवहन निगम प्रबंधन के मुताबिक, यह लीज सशर्त 90 साल की होगी, जिसमें शर्तों का अनुपालन न करने पर लीज निरस्त भी हो सकती है। हालांकि इससे पहले भी एक बार इस भूमि को लीज पर देने की प्रक्रिया चली थी जो कि धरातल पर नहीं उतर पाई थी।

उधर, हरिद्वार में परिवहन निगम का बस अड्डा तैयार हो रहा है। इसके एक फ्लोर को भी परिवहन निगम किराए पर देने जा रहा है। सिडकुल की मदद से यहां सभी कॉमर्शियल एक्टिविटीज हो सकती हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी जहां परिवहन निगम की जमीनों का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है, उन्हें कॉमर्शियल इस्तेमाल में लाया जाएगा।

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करोड़ों की संपत्ति का हुआ है चिह्नीकरण

उत्तराखंड परिवहन निगम की प्रदेश में करोड़ों रुपये की संपत्तियां हैं। लंबे समय से इनका सर्वे न होने की वजह से इनके असल उपयोग का पता नहीं चल पा रहा था। पिछले दिनों परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निर्देशों पर निगम ने सभी संपत्तियों का सर्वेक्षण कराया था। इसके बाद से इन संपत्तियों के सही इस्तेमाल की राह तलाश की जा रही है।



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