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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : पीटीआई
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इंजीनियर, ड्राफ्ट्समैन और डिप्लोमा होल्डर्स ने उत्तराखंड में बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन का विरोध किया है। उन्होंने एमडीडीए के कार्यालय पर प्रदर्शन कर कहा कि उनकी सलाह लिए बगैर भवन निर्माण एवं विकास उपविधि उत्तराखंड (संशोधन 2023) का प्रस्ताव जारी कर दिया गया है। संशोधन प्रस्ताव में उनकी राय भी शामिल की जाए।
एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल इंजीनियर्स एंड टेक्निकल्स के बैनर तले इंजीनियरों, ड्राफ्ट्समैनों और डिप्लोमा होल्डर्स ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव एक वर्ग विशेष के हित को ध्यान में रखकर बनाया गया है। नए संशोधन अव्यवहारिक हैं, इससे इंजीनियर्स, ड्राफ्टमैन और डिप्लोमा होल्डर्स बेरोजगार हो जाएंगे।
कहा कि जब से विकास प्राधिकरणों का गठन हुआ है, तभी से इंजीनियर, ड्राफ्ट्समैन तथा डिप्लोमा होल्डर्स को सभी प्रकार के मानचित्र बनाने और स्वीकृत कराने की स्वतंत्रता थी, लेकिन 2016 में अध्यादेश के जरिये इंजीनियरों को दो हेक्टेयर और डिप्लोमा होल्डर्स एवं ड्राफ्ट्समैन को 250 वर्ग मीटर के दायरे में बांध दिया गया। नए संशोधन में इस दायरे को भी खत्म करने की साजिश की जा रही है।
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