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देहरादून जू में गुलदार के शावक
– फोटो : अमर उजाला
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मालसी स्थित देहरादून चिड़ियाघर में सोमवार को मेहमानों के रूप में गुलदार के दो शावकों को लाया गया है। ये शावक चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से लाए गए हैं। इनमें मादा की उम्र करीब 11 महीने और नर शावक की उम्र करीब आठ माह है। इन दोनों को हाल ही में तैयार किए गए नए बाड़ों में रखा गया है। मादा गुलदार का नाम रुकसाना और नर का नाम तहसीम रखा गया है। रेस्क्यू सेंटर प्रभारी अरविंद डोभाल ने बताया कि इनका नाम सेंटर के केयर टेकर तहसीम और उनकी पत्नी के नाम पर रखा गया है। ये दंपती इन शावकों से बहुत प्यार करते हैं। हालांकि, चिड़ियाघर आने के बाद इन्हें अब नए नाम मिल सकते हैं।
कुछ दिन इन दोनों पर चिकित्सकों और विशेषज्ञों की खास नजर रहेगी। हालांकि, मंगलवार से ही सैलानी इन दोनों का दीदार कर सकेंगे।गौरतलब है कि देहरादून चिड़ियाघर में कुछ सालों से नए जानवरों को लाने की प्रक्रिया चल रही थी। इनमें बाघ, सफेद व काले भालू, हाइना और गुलदार शामिल हैं। इनके लिए चिड़ियाघर में नए बाड़ों का निर्माण भी किया गया था। इसी क्रम में सबसे पहले गुलदार के दो शावकों को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से लाने के लिए गत मार्च में अधिकारियों की स्वीकृति मिली थी। लेकिन, कुछ काम चिड़ियाघर में बाकी था। इसलिए इन्हें लाने में देर हो गई।
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सोमवार तड़के देहरादून से रेंजर मोहन सिंह रावत की टीम इन दोनों शावकों को लाने के लिए गई थी। चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से केयर टेकर तहसीम के साथ ये दोनों शावक सुबह करीब नौ बजे मालसी जू पहुंचे। यहां पर अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों को अलग-अलग बाड़ों में रखा गया।
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