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प्रवर्तन निदेशालय।
– फोटो : amar ujala
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प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में एक स्कूल शिक्षक और एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया है, जिसने चीन से जुड़े मोबाइल फोन ऋण ऐप धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में एक व्यक्ति को जमानत देने के बहाने कथित तौर पर ठगा था। जीतेंद्र प्रसाद और दिनेश सिंह कुशवाहा को संघीय जांच एजेंसी ने 25 फरवरी को हिरासत में ले लिया था और दिल्ली की एक अदालत ने बाद में उन्हें ईडी की हिरासत में भेज दिया था। ईडी ने एक बयान में कहा कि जीतेन्द्र प्रसाद एक बिचौलिया था और कुशवाहा दिल्ली के एक स्कूल में हिंदी शिक्षक के रूप में काम करता था।
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इन लोगों ने ईडी से अपना काम करवाने के बहाने हवाला चैनल के जरिए पावरबैंक ऐप मामले में वैभव दीपक शाह नाम के एक आरोपी से 2.6 करोड़ रुपये लिए थे। ईडी ने पहले दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज की और बाद में दोनों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत अपना मामला दर्ज किया। प्रवर्तन निदेशालय ने इस घटना को गंभीरता से लिया और दोनों व्यक्तियों के परिसरों की तलाशी ली और बाद में उन्हें अपराध की कार्यवाही से निपटने में शामिल होने के मामले में गिरफ्तार कर लिया।
ईडी ने कहा कि छापेमारी के दौरान प्रसाद के आवास से 47.5 लाख रुपये नकद, जाली समन/ नोटिस, डुप्लीकेट आधिकारिक स्टांप और बड़े नकद लेनदेन से संबंधित डिजिटल डेटा बरामद किया गया। पावरबैंक ऐप मामले में एक चीनी नागरिक द्वारा 250 करोड़ रुपये से अधिक के सार्वजनिक धन की हेराफेरी की जांच जारी है।
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