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सीएम अरविंद केजरीवाल
– फोटो : Youtube/Aam Aadmi Party
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दिल्ली सरकार गंदे पानी की समस्या का आधुनिक तकनीक की मदद से स्थायी समाधान करेगी। बारिश के दौरान जलभराव होने से अक्सर गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें बढ़ रही हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में बोर्ड अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने बोर्ड को पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक तकनीक का प्रयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि हीलियम गैस या मॉडर्न कैमरे की मदद से पाइप लाइन की लीकेज का पता लगाकर उसे ठीक करने की संभावना तलाशने का काम शुरू किया जाए।
अरविंद केजरीवाल ने तीन सप्ताह पहले गंदे पानी की शिकायतें आने वाले इलाकों की सूची बनाने के निर्देश दिए थे। दो हफ्ते में विधायकों के साथ मिलकर जानकारी इकट्ठी की गईं। इसके बाद अब गंदे पानी की शिकायतों को खत्म करने को लेकर रोडमैप बनाया।
बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष रोडमैप पेश किया गया। इस दौरान केजरीवाल ने अधिकारियों को पारंपरिक तरीकों को छोड़कर आधुनिक तकनीक का प्रयोग करने पर जोर दिया। इसके बाद गंदे पानी की समस्या के निवारण करने को लेकर दो आधुनिक उपायों पर चर्चा हुई। पहले उपाय के तहत हीलियम गैस से बिना किसी गली को खोदे और रोड को काटे ऐसे पॉइंट्स का पता लगा सकते हैं, जहां पर पानी की लाइन में लीकेज है और उससे गंदे पानी की आपूर्ति की संभावनाएं हैं। हीलियम गैस से सही पॉइंट का पता लगाकर उसे खोदेंगे, जहां पर पाइप लाइन टूटी हुई है और उसकी मरम्मत की जा सकती है।
दूसरे उपाय के अनुसार फाइन ट्यूब के साथ मॉडर्न कैमटे को पाइप लाइन के अंदर डालकर उसके टूटे होनेे के बारे में मालूम किया जा सकता है। इस बीच केजरीवाल ने हीलियम गैस या मॉडर्न कैमरे की मदद से पाइप लाइन की लीकेज का सही पता लगाकर उसे ठीक करने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया।
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