गूगल की मदद से अगर आप किसी कारोबार को शुरू करने से संबंधित जानकारी लेना चाह रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि आप ठगों के मकड़जाल में फंस जाएं। करावल नगर के दयालपुर निवासी अक्षज सिंह (26) के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। पीड़ित ने नामी चॉकलेट कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के लिए गूगल की मदद ली और ठगी का शिकार हो गए। आरोपियों ने पीड़ित से करीब 7.50 लाख रुपये ठग लिए। कभी एग्रीमेंट फॉर्म तो कभी सरकार से एनओसी और कभी सिक्योरिटी के नाम पर धीरे-धीरे रकम ऐंठ ली गई। ठगी का पता चलने पर अक्षज ने मामले की शिकायत उत्तर-पूर्वी जिले के साइबर थाने में दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीडीआर और बैंक खातों की डिटेल के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, अक्षज परिवार के साथ करावल नगर के दयालपुर इलाके में रहते हैं। पिछले कुछ दिनों से यह कोई काम शुरू करना चाह रहे थे। किसी ने इनको चॉकलेट कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने की सलाह दी। इसके लिए इन्होंने 15 अक्तूबर को कैडबरी चॉकलेट की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के लिए गूगल पर सर्च किया। 17 अक्तूबर को उनके पास धन्यवाद का ईमेल आया और 18 अक्तूबर को कॉल आ गई। कॉलर ने डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए एक फॉर्म अक्षज को भेज दिया। अक्षज ने इसी दिन फॉर्म भरकर जमा भी कर दिया। 20 अक्तूबर को फॉर्म मंजूर होने का ईमेल मिला। इसके बाद उससे 49,560 रुपये कोटक महिंद्रा बैंक के एटीएम में ट्रांसफर करने के लिए कहा गया।
साथ ही, एक और ईमेल के जरिये एग्रीमेंट के 1.75 लाख लिए गए। बाद में एनओसी के नाम पर 2.25 लाख और सिक्योरिटी फीस के नाम पर 3 लाख रुपये लिए गए। पीड़ित ने ईमेल के जरिये आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद उनका मोबाइल भी बंद आने लगा। ठगी का अहसास होने पर अक्षज ने पुलिस को सूचना दी। छानबीन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंक खातों में हुई लेनदेन की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस उन ईमेल के जरिये भी पड़ताल कर रही है जो अक्षज को भेजे गए थे।
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गूगल की मदद से अगर आप किसी कारोबार को शुरू करने से संबंधित जानकारी लेना चाह रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि आप ठगों के मकड़जाल में फंस जाएं। करावल नगर के दयालपुर निवासी अक्षज सिंह (26) के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। पीड़ित ने नामी चॉकलेट कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के लिए गूगल की मदद ली और ठगी का शिकार हो गए। आरोपियों ने पीड़ित से करीब 7.50 लाख रुपये ठग लिए। कभी एग्रीमेंट फॉर्म तो कभी सरकार से एनओसी और कभी सिक्योरिटी के नाम पर धीरे-धीरे रकम ऐंठ ली गई। ठगी का पता चलने पर अक्षज ने मामले की शिकायत उत्तर-पूर्वी जिले के साइबर थाने में दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीडीआर और बैंक खातों की डिटेल के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।