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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
चांदनी चौक स्थित गोल्डन हवेली ने एक नया रूप ले लिया है। धर्मपुरा क्षेत्र में स्थित छोटी सी यह हवेली विदेशी मेहमानों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां वे कई दिन गुजार रहे है और पुरानी दिल्ली के व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे हैं। इस हवेली में सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है, जहां पर्यटक अपनी-अपनी सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल पुरानी दिल्ली की विशिष्ट पहचान वाली हवेलियों को सहेजने की मुहिम में जुटे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने गोल्डन हवेली को नया रूप दिया है, जो विदेशी मेहमानों को खूब लुभा रहा है। बुधवार को आमंत्रित अतिथियों को नवनिर्मित गोल्डन हवेली का भ्रमण कराया गया। मीडिया से बातचीत में गोयल ने कहा कि एतिहासिक विरासत का संरक्षण करना बेहद आवश्यक है। सरकारी विभाग के लोगों ने संरक्षण करना तो दूर पर्यटन और पुरातत्व से जुड़ी हुई हवेलियों को देखने तक में रुचि नहीं ली। जब पहली हवेली ‘हवेली धर्मपुरा’ का छह साल के प्रयास से संरक्षण किया था, तब उसे यूनेस्को अवार्ड मिला।
हवेली की संचालिका विद्यून गोयल का कहना था कि हवेली धर्मपुरा से दस मकान की कुछ दूरी पर स्थित 200 गज की है। इस गोल्डन हवेली की सुंदरता देखते ही बनती है। चांदनी चौक के ज्वैलर्स मार्किट दरीबा और किनारी बाजार के साथ है। हवेली की छत से जामा मस्जिद, लाल किला, गौरीशंकर मंदिर, जैन मंदिर, गुरुद्वारा शीशगंज का भव्य रूप देखकर विदेशी पर्यटक मंत्रमुग्ध होते है। जी-20 की भारत की अध्यक्षता का उत्सव मना रहे हैं, और इसलिए मैंने इस हवेली को जी-20 गोल्डन हवेली का नाम दिया गया है। चांदनी चौक का प्राचीन इतिहास इसमें दर्ज है। वास्तुकार कपिल अग्रवाल ने इस हवेली के पुनर्निमाण में सहयोग किया है।
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