Delhi :  जुर्माने के 70 लाख से 10 हजार पेड़ लगाने का आदेश, चार वकील बताएंगे कहां रोपे जाएंगे

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Delhi: Order to plant 10 thousand trees from 70 lakh fine

कदंब का पेड़

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक हालिया फैसले में अक्सर प्रदूषण की समस्या से जूझने वाली दिल्ली में 10 हजार पेड़ लगाने का आदेश दिया है। दिल्ली की आबोहवा सुधारने में 70 लाख रुपये की वह राशि इस्तेमाल होगी, जो अदालतों ने केस दायर करने में कोई चूक करने वाले याचिकाकर्ताओं से बतौर जुर्माना जमा कराई है। 

हाईकोर्ट ने यह निर्देश देने के साथ कहा कि इस राशि का इससे ज्यादा बेहतर इस्तेमाल नहीं हो सकता। मामले की अगली सुनवाई सात जुलाई को होगी। जस्टिस नजमी वजीरी ने फैसले में कहा कि विभिन्न मामलों में याचिकाकर्ताओं से जमा कराए गए इस तरह के धन का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर सार्वजनिक कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। पेड़ कार्बन डाईऑक्साइड सोखकर वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं, जो हमेशा प्रदूषण से जूझती रहने वाली दिल्ली के लिए एक बड़ी जरूरत हैं। पेड़ न केवल शहर और यहां रहने वाले लोगों की भावी पीढ़ियों को लाभ पहुंचाएंगे, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ाने में भी काम आएंगे। 

चार वकील बताएंगे कहां लगाए जाएंगे

कोर्ट ने चार वकीलों को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है, जो यह बताएंगे कि पेड़ कहां लगाए जाएं। शादान फरासत, आविष्कार सिंघवी, तुषार सन्नू, आदित्य एन प्रसाद इन सभी को कम से कम 2,500 पेड़ों की जगह तय करनी है। ज्यादातर पेड़ सार्वजनिक सड़कों के किनारे लगाए जाने हैं। कोर्ट ने कहा, अदालतों ने तमाम याचिकाओं और रिट याचिकाओं में किसी तरह की चूक करने वाले वादियों से वसूली गई फीस से करीब 80 लाख रुपये जमा किए हैं। इनमें से 70 लाख रुपये उप वन संरक्षक (डीसीएफ), जीएनसीटीडी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएं। इससे पीडब्ल्यूडी की मदद से पेड़ लगाने का काम किया जाएगा।

कचनार, अमलतास गूलर जैसे पेड़ लगेंगे

कोर्ट ने कहा, मिट्टी और जगह की स्थिति को ध्यान में रखकर डीसीएफ पिलखान, पपड़ी, कचनार, गूलर, जामुन, अमलतास, कदंब और बड़ के पेड़ लगाने पर विचार किया जा सकता है। हर पेड़ की नर्सरी आयु न्यूनतम तीन वर्ष की और ऊंचाई न्यूनतम 10 फुट होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि भू-स्वामी एजेंसी वृक्ष अधिकारी/डीसीएफ की देखरेख में पौधे लगाएगी और समय-समय पर अपनी रिपोर्ट भी देगी। पेड़ों को किसी तरह का नुकसान पहुंचने की स्थिति में भू-स्वामी एजेंसी तुरंत वृक्ष अधिकारी की सलाह से इसका समाधान निकालेगी और कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए गए वकीलों को इस बारे में पूरी सूचना देगी।

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