वैश्विक स्तर पर बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सोमवार को आपातकालीन बैठक कर किसी भी परिस्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और विभिन्न अस्पतालों के प्रमुखों से दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सामान्य बेड्स, कोरोना बेड्स, वेंटिलेंटरों की मौजूदा संख्या और जरूरत पड़ने पर उन्हें बढ़ाने, अस्पतालों में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, अस्पतालों की ऑक्सीजन आपूर्ति व स्टॉक, आवश्यक दवाइयों के स्टॉक आदि की जानकारी मांगी।
साथ ही केंद्र सरकार के निर्देश का पालन करने का आदेश दिया। उन्होंने शाम तक सभी अस्पताल अपने यहां कोरोना संबंधित तैयारियों को लेकर सभी जरूरी डेटा उपलब्ध करवाएं। वहीं आज(मंगलवार) को कोरोना से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया मॉक ड्रिल के तहत सफदरजंग अस्पताल जाएंगे।
दवाइयों के लिए 104 करोड़ का अतिरिक्त बजट
सिसोदिया ने कहा कि कोरोना के नए वेरिएंट से डरने की नहीं, अलर्ट रहने की जरूरत है। अस्पतालों में जरूरी दवाइयों की कमी न हो इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय को 104 करोड़ का अतिरिक्त फंड भी दिया जाएगा। उन्होंने इंचार्जों को निर्देश दिए कि वे अस्पतालों में दवाइयों का स्टॉक रखें।
स्वास्थ्य तैयारियों को परखने के लिए आज मॉक ड्रिल कोरोना संक्रमण की किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को मंगलवार को देशभर में मॉक ड्रिल से परखा जाएगा। तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया मंगलवार को खुद सफदरजंग अस्पताल जाएंगे। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल से हमें यह पता चलेगा कि तैयारियों में क्या कमियां रह गई हैं। इसमें अस्पताल में कोरोना से जुड़ी हर छोटी-बढ़ी चीज का गहनता से परीक्षण किया जाएगा। मॉक ड्रिल का फोकस अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों की क्षमता, ह्यूमन-रिसोर्स क्षमता, रेफरल रिसोर्सेज, अस्पतालों की टेस्टिंग क्षमता, मेडिकल सामग्रियों की उपलब्धता, टेलीमेडिसिन सेवाओं और ऑक्सीजन पर होगा।
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वैश्विक स्तर पर बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सोमवार को आपातकालीन बैठक कर किसी भी परिस्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और विभिन्न अस्पतालों के प्रमुखों से दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सामान्य बेड्स, कोरोना बेड्स, वेंटिलेंटरों की मौजूदा संख्या और जरूरत पड़ने पर उन्हें बढ़ाने, अस्पतालों में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, अस्पतालों की ऑक्सीजन आपूर्ति व स्टॉक, आवश्यक दवाइयों के स्टॉक आदि की जानकारी मांगी।